
तेहरान/वाशिंगटन: मिडिल-ईस्ट में युद्ध की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है। हॉर्मुज संकट (Strait of Hormuz) को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव आज सुबह एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा पेश किए गए ‘शांति प्रस्ताव’ को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सिरे से खारिज करते हुए इसे केवल “समय काटने की रणनीति” करार दिया है।
क्या थी ईरान की ‘Conditional Peace Deal’?
ईरान ने कल देर रात एक प्रस्ताव पेश किया था जिसमें कहा गया कि वह हॉर्मुज की खाड़ी से अपना नियंत्रण हटाकर अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए रास्ता खोल देगा। लेकिन इसके बदले ईरान ने एक बड़ी शर्त रखी— अमेरिका को ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी (Naval Blockade) तुरंत खत्म करनी होगी।


ट्रंप के इनकार के 3 बड़े कारण
वाइट हाउस ने इस प्रस्ताव को ठुकराते हुए स्पष्ट किया है कि अमेरिका झुकने वाला नहीं है। इसके पीछे तीन मुख्य वजहें बताई गई हैं:
1. परमाणु कार्यक्रम (Uranium Enrichment): अमेरिका को अंदेशा है कि ईरान इस समझौते की आड़ में चुपके से अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखना चाहता है।
2. ट्रस्ट की कमी (Stalling Tactic): ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ईरान केवल अपनी गिरती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए समय मांग रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि “ईरान पतन की स्थिति (State of Collapse) में है और वे हॉर्मुज खोलने की भीख मांग रहे हैं।”
3. सख्त सैन्य घेराबंदी: अमेरिकी नौसेना ने फिलहाल ईरान के व्यापारिक रास्तों को पूरी तरह सील कर रखा है, जिससे ईरान का तेल निर्यात शून्य पर पहुंच गया है।
क्यों ‘हॉर्मुज’ है दुनिया की लाइफलाइन?
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है। इसे ‘लाइफलाइन’ कहे जाने के पीछे ठोस कारण हैं:
20% वैश्विक तेल: दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा कच्चा तेल इसी संकरे रास्ते से गुजरता है।
$150 प्रति बैरल का डर: जानकारों का मानना है कि यदि यह रास्ता बंद रहा, तो तेल की कीमतें $150 प्रति बैरल तक जा सकती हैं।
भारत पर असर: तेल महंगा होने से भारत में परिवहन और रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं, जिससे महंगाई का बड़ा विस्फोट होने की आशंका है।
मैदान-ए-जंग से ताज़ा रिपोर्ट: सेनाएं आमने-सामने
खाड़ी में स्थिति किसी भी क्षण विस्फोटक हो सकती है।
ईरान की आक्रामकता: ईरान ने हॉर्मुज में अपनी ‘Fast Attack’ नावें तैनात कर दी हैं और समुद्री रास्तों में माइन (समुद्री बम) बिछाने की धमकी दी है।
अमेरिका की कार्रवाई: अमेरिकी मरीन ने कल ही अरब सागर में एक संदिग्ध कमर्शियल जहाज को रोककर अपनी मंशा साफ कर दी है। दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीति के जरिए कोई रास्ता निकलेगा या फिर यह तनाव एक विनाशकारी युद्ध की शुरुआत करेगा।










