12,804 विद्यार्थी सी, डी और ई ग्रेड में, प्रधानाचार्यों से मांगा स्पष्टीकरण।
शाहजहांपुर। बेसिक शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर, जर्जर भवन, विद्युत लाइनों, विकास कार्यों और विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।
नेट मॉक टेस्ट की समीक्षा में जिले के 12,804 विद्यार्थी सी, डी एवं ई ग्रेड में पाए गए। जिलाधिकारी ने प्रत्येक विकास क्षेत्र के खराब प्रदर्शन वाले पांच विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से स्पष्टीकरण मांगे जाने के निर्देश दिए। वहीं कलान, भावलखेड़ा, जलालाबाद और ददरौल में एक हजार से अधिक बच्चों के कमजोर ग्रेड में मिलने पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा।
जिले में चिन्हित 240 जर्जर विद्यालय भवनों में अभी 140 का ध्वस्तीकरण बाकी है। डीएम ने इन्हें शीघ्र ध्वस्त कराने के निर्देश दिए। विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही 213 हाईटेंशन विद्युत लाइनों को हटाने के लिए भी विद्युत विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
विद्यालयों में स्वीकृत विकास कार्य एक सप्ताह में शुरू कराने तथा कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए गए। साथ ही 300 से अधिक छात्र संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों में चार सीसीटीवी कैमरों का एक सेट लगाने को कहा गया।
बैठक में विद्यालयों के लिए गैस कनेक्शन देने में गैस एजेंसियों की कथित मनमानी पर भी नाराजगी जताई गई। डीएम ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को जिला पूर्ति अधिकारी से समन्वय कर समस्या का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, एसआरजी, एआरपी, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की वार्डन एवं जिला समन्वयक मौजूद रहे।






