लिमिट खाते की रकम अदा न करने पर बैंक ने राइस मिल सील कर कब्जे में ली।
मिलर ने लगाया बिना लीगल नोटिस दिए कार्रवाई करने का आरोप, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई।
तिलहर/शाहजहांपुर। लिमिट खाते की बकाया रकम की अदायगी न होने के चलते बुधवार को हाईवे स्थित एक राइस मिल पर बैंक प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उसे सील कर अपने कब्जे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान सर्किल के विभिन्न थानों का भारी पुलिस बल और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, मिल स्वामी ने बैंक पर बिना लीगल नोटिस दिए सीलिंग की कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
नगर के मोहल्ला नई बस्ती निवासी श्याम गुप्ता की हाईवे स्थित मैसर्स श्याम राइस मिल है। बुधवार सुबह बैंक ऑफ बड़ौदा का प्रशासनिक अमला पुलिस बल और नायब तहसीलदार रोहित कुमार की मौजूदगी में राइस मिल पहुंचा। बैंक अधिकारियों ने लिमिट खाते की बकाया रकम का भुगतान न होने का हवाला देते हुए मिल परिसर और गोदामों को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी।
कार्रवाई की जानकारी मिलते ही फर्म स्वामी श्याम गुप्ता भी परिजनों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बैंक अधिकारियों के समक्ष विगत माह 50 लाख रुपये जमा किए जाने की रसीद प्रस्तुत की। साथ ही ट्रिब्यूनल कोर्ट द्वारा ढाई करोड़ रुपये की धनराशि होल्ड किए जाने संबंधी दस्तावेज भी दिखाए। हालांकि, बैंक अधिकारियों ने कार्रवाई जारी रखी।
मिल स्वामी श्याम गुप्ता का आरोप है कि बैंक द्वारा कार्रवाई से पूर्व उन्हें नियमानुसार 14 दिन का लीगल नोटिस नहीं दिया गया। उन्होंने प्रस्तुत दस्तावेजों के बावजूद कार्रवाई किए जाने पर भी सवाल उठाए।
वहीं, नायब तहसीलदार रोहित कुमार ने बताया कि बैंक की अपनी प्रक्रिया और नियम होते हैं, जिसमें राजस्व विभाग का हस्तक्षेप नहीं होता। बैंक के निर्देश पर सीलिंग की कार्रवाई की गई है।
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मिल के मुख्य द्वार पर नीलामी संबंधी फ्लैक्सी लगवाई और फोटोग्राफी भी कराई। नायब तहसीलदार ने बताया कि बैंक ने सीलिंग की कार्रवाई कर मिल को अपने कब्जे में ले लिया है।
इस दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ मैनेजर कुमार गौतम, लीगल डिपार्टमेंट से दर्शन, रिकवरी अधिकारी धीरज दीक्षित, रुपेश अवस्थी, दीपक रस्तोगी, संजीव पांडेय सहित बैंक एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।






