सामाजिक न्याय और समान अवसर की मांगों को लेकर भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी का ‘संपूर्ण भागीदारी आंदोलन’।


जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन; महिला आरक्षण में ‘कोटे के अंदर कोटा’, जाति जनगणना और निजी क्षेत्र में भागीदारी की उठाई मांग
शाहजहांपुर। सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों के उचित प्रतिनिधित्व की मांगों को लेकर आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) एवं भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने देशभर के जिला मुख्यालयों पर “संपूर्ण भागीदारी आंदोलन” के तहत ज़ोरदार प्रदर्शन किया। इसी क्रम में जनपद नगर के खिरनीबाग रामलीला मैदान में एकत्रित हुए पार्टी के जिला पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने मैदान में धरना प्रदर्शन कर तपश्चात जिलाधिकारी के माध्यम से भारत की महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक 19-सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि भारत का संविधान समानता का अधिकार देता है, इसके बावजूद SC, ST, OBC और महिलाओं सहित विभिन्न वंचित वर्गों को शिक्षा, रोज़गार, राजनीति, न्यायपालिका और निर्णय लेने वाली संस्थाओं में अब तक आनुपातिक और उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल सका है। पार्टी का स्पष्ट कहना है कि आरक्षण केवल आर्थिक आधार पर नहीं, बल्कि सामाजिक भेदभाव, छुआछूत और शैक्षणिक वंचना को दूर करने का संवैधानिक माध्यम है।
ज्ञापन में शामिल प्रमुख मांगें:
* महिला आरक्षण व कोटे के अंदर कोटा: ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023’ के तहत महिलाओं के लिए 50% आरक्षण सुनिश्चित करने और इसमें दलित, आदिवासी व पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए ‘कोटे के अंदर कोटा’ लागू करने की मांग की गई।
* न्यायपालिका व कॉलेजियम व्यवस्था: उच्च न्यायपालिका में SC, ST और OBC के प्रभावी प्रतिनिधित्व के लिए कॉलेजियम व्यवस्था को समाप्त कर ‘उच्च न्यायिक आयोग’ के गठन की मांग रखी गई।
* जाति जनगणना और क्रीमी लेयर: जाति आधारित जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम जोड़ने तथा OBC क्रीमी लेयर की आय सीमा में तत्काल संशोधन करने की मांग की गई।
* राजनीतिक एवं प्रशासनिक प्रतिनिधित्व: राज्यसभा, विधान परिषदों तथा लोकसभा और विधानसभाओं में OBC, SC व ST समाज को प्रभावी प्रतिनिधित्व देने के साथ-साथ सरकारी सेवाओं में पदोन्नति में आरक्षण लागू करने पर बल दिया गया।
* निजी क्षेत्र व ठेकों में भागीदारी: सरकारी ठेकों, सरकारी खरीद और निजी क्षेत्र के प्रबंधन व निर्णय लेने वाले पदों पर वंचित वर्गों के लिए भागीदारी तय करने की मांग उठाई गई।
* लेटरल एंट्री बंद करने व बैकलॉग भर्ती: समूह ‘क’ में लेटरल एंट्री प्रथा बंद कर आउटसोर्सिंग की जगह स्थायी नियुक्तियां करने और सभी खाली पड़े बैकलॉग पदों को तुरंत भरने की मांग की गई।
* विद्यार्थियों व पीड़ितों के हित में कदम: UGC विनियम 2026 पर लगी रोक हटाकर इसे कड़ा कानून बनाने, 2 अप्रैल 2018 के आंदोलन के मुकदमे वापस लेने, SC-ST Act के तहत पीड़ितों का मुआवजा बढ़ाकर ₹30 लाख करने तथा नए छात्रावासों के निर्माण की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि वंचित समाज की इन न्यायसंगत और संवैधानिक मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस दौरान जिलाध्यक्ष अनिल कुमार एड. की अध्यक्षता मे मुख्य अतिथि मंडल प्रभारी ब्रह्मस्वरूप सागर एवं महेश चन्द्र सागर की उपस्थिति मे सम्पूर्ण भागीदारी आन्दोलन धरना प्रदर्शन का संचालन रविंद्र बौद्ध जी ने किया एवं हबलदार सिंह उर्फ गुड्डू वर्मा, हुकुम सिंह, स्वयं प्रकाश कौशल एड. हरिराम वर्मा, चेतराम कुशवाहा, नईम खाँ, चाँद बाबू, श्रीराम गौतम, महेश वर्मा, श्याम पाल राठौर एडवोकेट, विजय वर्मा, अमित शांख्यवार, विशाल सांख्यवार,, सुशील भारती एड. विकास मौर्या आदि ने अपने विचार व्यक्त कर सैकड़ो उपस्थित कार्यकर्ताओ ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया को सम्बोधित ज्ञापन द्वारा जिलाधिकारी शाहजहांपुर के माध्यम से सौपा गया






