
CRS NEWS AGENCY:- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे Climate Justice Protest (CJP) के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा कथित तौर पर जबरन हटाए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। इस मामले में CJP की प्रवक्ता विजेता दहिया, आशुतोष रांका और रत्ना ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
आयोजकों का आरोप है कि सुबह करीब 7:30 बजे पुलिस सोनम वांगचुक को जबरन वहां से ले गई। उनका दावा है कि स्वयंसेवकों के साथ धक्का-मुक्की की गई और अभिजीत दीपके को भी कथित रूप से घसीटकर नजरबंद किया गया। आयोजकों ने पुलिस पर डॉक्टर बनकर प्रदर्शन स्थल में प्रवेश करने और प्रदर्शनकारियों को परेशान करने का भी आरोप लगाया है।
पुलिस ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य और दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला दिया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी हालत स्थिर थी और उनकी पत्नी गीतांजलि को आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट तक पहुंच नहीं दी गई।
CJP के अनुसार सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त नहीं किया है, जबकि अभिजीत दीपके उनके समर्थन में भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। 20 जुलाई को संसद मार्च की योजना भी जारी रहेगी।
आयोजकों ने सोनम वांगचुक को ‘चीनी एजेंट’ और आंदोलन को ‘हिंदू विरोधी’ बताने वाले कथित दुष्प्रचार को खारिज किया है। उनका कहना है कि आंदोलन की मुख्य मांगें पेपर लीक और सरकारी जवाबदेही जैसे मुद्दों से जुड़ी हैं।






