
CRS NEWS AGENCY :- मध्य पूर्व में स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है, इसलिए यहां बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा प्रभाव डाल सकता है। हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने इस क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर नई आशंकाएं पैदा कर दी हैं।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज पूरी तरह सुरक्षित है और अमेरिका स्थिति पर नियंत्रण बनाए हुए है। हालांकि कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, इस क्षेत्र से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की संख्या में कमी आई है और कई शिपिंग कंपनियां इसे जोखिमपूर्ण मान रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जलडमरूमध्य की स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर नौसैनिक तैनाती की आवश्यकता होगी, जो आर्थिक और सैन्य दृष्टि से बेहद कठिन है।
इसी बीच, संयुक्त अरब अमीरात के दुबई और अबू धाबी में देर रात धमाकों जैसी आवाजें सुनाई देने की खबरों ने तनाव और बढ़ा दिया। हालांकि यूएई प्रशासन ने किसी हमले की पुष्टि नहीं की है। दूसरी ओर, ईरान ने दावा किया है कि उसने ‘या ज़ैनब कुबरा सलामुल्लाह’ कोड नेम के तहत खैबर शिकन बैलेस्टिक मिसाइलों से जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया।
कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम दर्शाता है कि मध्य पूर्व की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। यदि तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर व्यापक रूप से पड़ सकता है।






