समय पर रिचार्ज न कराने पर माना जाएगा बिजली चोरी। विद्युत विभाग लिखवाएगा चोरी के मुकदमे।
शाहजहांपुर। प्रीपेड/पोस्टपेड स्मार्ट मीटर लगने के बाद जहां एक ओर विद्युत चोरी पर अंकुश लगने की संभावना के चलते विभाग चैन की सांस लेने पर तसल्ली में लग रहा था वहीं इससे पूर्व इसका विरोध होने के बाद 25% स्मार्ट मीटर लगने का काम आधार में लटक गया। जबकि स्मार्ट मीटर के माध्यम से विभाग अपने उपभोक्ताओं से बकाया मोती रकम आसानी से किस्त बात बदल कटवाता था जो कि अब नामुमकिन सा होने की संभावना लगती है।
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सूत्रों की माने तो, राजनीतिक स्कैंडल बना मामला न्यायालय पहुंचा और उपभोक्ताओं को राहत भरी खबर मिली परंतु इसके विपरीत विद्युत विभाग अपने नुकसा की भरपाई के लिए एक बात फिर सक्रिय हो गया। विभाग ने बकाया बिल उपभोक्ताओं को बिल की बकाया राशि एवं समय से प्रीपेड स्मार्ट मीटर रिचार्ज कराने की उपभोक्ताओं को चेतावनी देते हुए निर्देश जारी कर दिया कि रिचार्ज न कराने और पोस्टपैड कनेक्शन के जरिए बिजली चोरी होना, एक बार तेजी से आरंभ होने की संभावना के चलते बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं पर बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
बताया जा रहा है कि राजनीतिक दवाओं और वोट की भूख, बड़े पैमाने पर विद्युत स्मार्ट मीटर का विरोध करने में च धरना प्रदर्शन ने शासन को नियम बदलने को मजबूर किया जरूर लेकिन वहीं विद्युत विभाग के लिए काम करने वाली कंपनियों ने नए नियमों के साथ अपनी भी सख्ती की मजबूती से लगी करने में चूक नहीं रखी, जिसकी मार एक बार फिर उपभोक्ताओं पर ही पढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इस लिहाज से यही कहा जा सकता है कि स्थानीय स्तर से लेकर देश भर में स्मार्ट मीटर के विरुद्ध हुए घटना प्रदर्शन राजनीत का शिकार हो टांय टांय फिस्स हो गया।










