
हरदोई जिस ड्राइवर पर था भरोसा,उसी ने रची 5 किलो चांदी लूट की पटकथा,रास्ते की हर जानकारी साथियों तक पहुंचाई,मिर्च पाउडर से कारोबारी की आंखें झुलसाईं,मुठभेड़ में 2 को लगी गोली
भरोसा कभी-कभी सबसे बड़ी ताकत होता है, लेकिन वही भरोसा अगर गलत इंसान पर हो तो खतरा बाहर नहीं, आपके बिल्कुल पास खड़ा होता है। हरदोई में लखनऊ के एक सर्राफा कारोबारी के साथ हुई 5 किलो चांदी की लूट ने इसी भरोसे को सवालों के घेरे में ला दिया। कारोबारी जिस ड्राइवर को अपने साथ शाहजहांपुर लेकर गया था, पुलिस की जांच में वही इस लूट की सबसे अहम कड़ी निकला। आरोप है कि ड्राइवर करन ने अपने साथी ड्राइवरों को तैयार किया, कारोबारी के रूट और चांदी की जानकारी दी और फिर रास्ते में ऐसी कहानी रची गई, जिसमें कारोबारी की आंखों में मिर्च पड़ी, कार का शीशा टूटा और चांदी लेकर बदमाश फरार हो गए।
कहानी 27 सितंबर से शुरू होती है। ठाकुरगंज, लखनऊ निवासी सर्राफा कारोबारी हृदयराम सोनी अपने ड्राइवर करन के साथ वैगनआर से शाहजहांपुर गया था। कारोबारी के पास दो अलग-अलग बैगों में कुल 17.5 किलो चांदी थी। एक बैग में 5 किलो और दूसरे में 12.5 किलो चांदी रखी थी। शाहजहांपुर से वापस लखनऊ लौटते समय शाहाबाद थाना क्षेत्र के बजरी प्लांट के पास स्विफ्ट डिजायर सवार चार बदमाशों ने उनकी कार को ओवरटेक कर रोक लिया। इसके बाद कार का शीशा तोड़ा गया, कारोबारी की आंखों में लाल मिर्च पाउडर झोंका गया और हथियारों के बल पर 5 किलो चांदी वाला बैग छीन लिया गया। वारदात के बाद ड्राइवर करन के साथ भी मारपीट का नाटक किया गया, ताकि शक की सुई उस तक न पहुंचे।
लेकिन इस कहानी में एक ऐसी कड़ी थी, जो पुलिस को बार-बार उसी ड्राइवर तक ले जा रही थी। रास्ते में करन लगातार फोन पर बात कर रहा था और कारोबारी को इस पर शक भी हुआ था। पुलिस की पूछताछ में आरोप सामने आया कि करन ने इंटरनेट कॉलिंग के जरिए अपने साथियों को कारोबारी के रूट, समय और चांदी की जानकारी दी थी। उसने अपने ड्राइवर दोस्तों को इस वारदात के लिए तैयार किया था। यानी जिस व्यक्ति के पास कारोबारी के सफर और माल की जानकारी भरोसे के कारण थी, वही जानकारी कथित तौर पर लूट की योजना में इस्तेमाल हुई।
पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो वारदात में शामिल आरोपियों तक पहुंचने के बाद 1/2 अक्टूबर की दरमियानी रात शाहाबाद बाईपास पर मुठभेड़ हुई। पुलिस के मुताबिक, बिना नंबर प्लेट वाली संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर को रोकने की कोशिश की गई तो कार सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुशील यादव निवासी सिधौली, बाराबंकी, हाल पता डूडा कॉलोनी, ठाकुरगंज, लखनऊ और विमल यादव निवासी लीलाखेड़ा, दुबग्गा, लखनऊ के पैर में गोली लगी। दोनों को गिरफ्तार कर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
मौके से अमन निवासी बनियाखेड़ा, दुबग्गा, लखनऊ और साजिश के सूत्रधार बताए जा रहे करन निवासी गऊघाट, ठाकुरगंज, लखनऊ को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 2.25 किलो लूटी गई चांदी, दो .315 बोर तमंचे, चार जिंदा कारतूस, दो खोखे और वारदात में इस्तेमाल बिना नंबर की स्विफ्ट डिजायर बरामद की। हालांकि गिरोह के दो अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
इस पूरी वारदात में एक सबक भी छिपा है—सफर में साथ चलने वाला हर व्यक्ति सिर्फ रास्ता नहीं जानता, वह आपकी मंजिल, सामान और पूरी योजना की जानकारी भी रख सकता है। इसलिए कीमती सामान की जानकारी, यात्रा का रूट और समय जैसी संवेदनशील बातें किसके साथ साझा हो रही हैं,इसे लेकर सावधानी जरूरी है। पुलिस के मुताबिक इस मामले में कारोबारी का भरोसा ही उसके खिलाफ इस्तेमाल किया गया और उसी भरोसे के घेरे से लूट की पूरी साजिश बाहर आई।






