
CRS NEWS: उत्तर प्रदेश की राजनीति के दिग्गज और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर एक बार फिर कानूनी पेंच में फंसते नज़र आ रहे हैं। मऊ की MP-MLA कोर्ट ने बीजेपी कैबिनेट मंत्री राजभर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है। यह पूरी कार्रवाई उनके साल 2019 के एक विवादित बयान को लेकर हुई है।
आपको बताते चलें कि पूरा मामला 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान का है। उस वक्त राजभर न तो सपा के साथ थे और न ही बीजेपी के गठबंधन में। उन्होंने बीजेपी पर उनके पोस्टरों का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। इसी दौरान अपने करीबी महेंद्र राजभर जो कि अब उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं। उस वक्त महेंद्र राजभर पक्ष में ओपी राजभर ने चुनाव प्रचार करते हुए बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसमें राजभर ने कथित तौर पर मंच से कहा था कि बीजेपी कार्यकर्ताओं को ’10 जूते मारो’।
इस बयान के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी थी और कोर्ट के आदेश पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
राजभर इस मामले की सुनवाई के दौरान लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रहे थे। लगातार गैर-हाजिरी को देखते हुए मऊ की कोर्ट ने अब सख्त रुख अपनाया है। इससे पहले भी उनके खिलाफ वारंट जारी हो चुका है, तब उन्होंने सरेंडर कर जमानत ली थी।
अब देखना दिलचस्प होगा कि वह इस कानूनी प्रक्रिया का सामना कैसे करते हैं क्यों कि वर्तमान में ओम प्रकाश राजभर योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और बीजेपी के साथ गठबंधन में हैं।
अब देखने की बात यह होगी कि योगी सरकार में शामिल होने के नाते इस पुराने केस को वापस लेने की कोई कोशिश होगी? या कोर्ट में सरेंडर करेंगे।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि क्या यह वारंट राजभर की छवि और उनकी कैबिनेट कुर्सी पर कोई असर डालेगा या नहीं।










