दलित उत्पीड़न के शिकार भाजपा सांसद ने मीडिया को सुनाया दर्द। बोले गाड़ी के बोनट पर घूसा मारते हुए बेटे को दीं जाति सूचक गालियां।
शाहजहांपुर। जनपद की सुरक्षित सीट से भारतीय जनता पार्टी से सांसद अरुण कुमार सागर का परिवार दलित उत्पीड़न का शिकार हो रहा है इस बात की जानकारी भाजपा सांसद ने शुक्रवार को स्वयं एक प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया को दी। उन्होंने मीडिया कर्मियों को जानकारी देते हुए बताया कि साउथ सिटी निवासी नीटू सिंह आए दिन सार्वजनिक रूप से उन्हें और उनके परिवार को जाति सूचक शब्दों से गालियां देते हैं। उन्होंने यह भी बताया अभी हाल ही में उनका बेटा घर से गाड़ी लेकर निकल रहा था इस बीच उनके बेटे की गाड़ी रोक कर बोनट पर घूसे मारे और जाति सूचक शब्दों से गालियां दी उनके बेटे के साथ बदसलूकी की। फिलहाल इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर तथा कथित सपा नेता लखन प्रताप सिंह द्वारा वीडियो जारी कर लगाए गए आरोपो पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा सपा नेता द्वारा इस घटना को लेकर क्षत्रिय समाज के लोगों को भ्रमित किया जा रहा है और पार्टी के खिलाफ भड़काया जा रहा है। 
उन्होंने कहा इस घटना के बारे में उन्होंने थाने पर कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया है। पुलिस अपनी तरफ से अगर कार्रवाई कर रही है तो इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि लखन प्रताप सिंह नरसंहार के मामले में आरोपी रहे हैं उसमें क्या रहा मुझे नहीं मालूम लेकिन अब हमारे ऊपर तमाम तरह से कीचड़ उछाल रहे हैं जो गलत है। फिलहाल मीडिया के सामने आकर भाजपा सांसद द्वारा दलित उत्पीड़न की दास्तां सुनाने के बाद अब तमाम सवाल उठ रहे हैं।
भाजपा के सांसद का परिवार जब दलित उत्पीड़न का शिकार है तो उत्तर प्रदेश में अन्य दलित का क्या हाल होगा यह सिर्फ भाजपा संसद के परिवार पर हमला नहीं, बल्कि सामाजिक मर्यादा और कानून व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश है।
फिलहाल भाजपा सांसद का परिवार जब खुद दलित उत्पीड़न का शिकार हुआ तो भाजपा सांसद ने मीडिया के सामने आकर अपना दर्द बयां किया है लेकिन इससे पहले शाहजहांपुर जनपद में दलित उत्पीड़न की तमाम घटनाएं हुई और अरुण कुमार सागर लगातार दूसरी बार भाजपा के सांसद हैं लेकिन किसी भी दलित उत्पीड़न के मामले में भाजपा सांसद मुखर नहीं हुए और चुप्पी ही साधे रहे अभी हाल ही में भाजपा सांसद के सजातीय सब्जी विक्रेता की खुलेआम लाठी डंडों से पिटाई और जाति सूचक शब्दों से गालियां देने का मामला चर्चा मे रहा यहां तक इस मामले को लेकर हजारों की संख्या में दलित संगठनों ने एकत्र होकर शाहजहांपुर में प्रदर्शन किया लेकिन भाजपा सांसद ने इस मामले में भी चुप्पी बरकरार रखी लेकिन अब भाजपा सांसद का खुद परिवार दलित उत्पीड़न का शिकार हुआ है तो मोर्चा संभालना लाजमी था फिलहाल सांसद के परिवार को सार्वजनिक रूप से जाति सूचक शब्दों से अपमानित करना तमाम सवाल खड़े कर रहा है।










