
मुख्यमंत्री के साथ साथ देवी देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने का लगा था आरोप।
CRS NEWS परशदेपुर रायबरेली सोशल मीडिया पर जगदीश कमल नाम के व्यक्ति पर हिन्दू देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप है अभी कुछ दिन पहले ही स्क्रीनशॉट वायरल हुए थे जिसमें वह हिन्दू देवी देवताओं के बारे में अभद्र टिप्पणी कर रहा था उसकी गिरफ्तारी की माँग सोशल मीडिया पर उठी थी और विश्वहिंदु परिषद जिला उपाध्यक्ष महेश विश्वकर्मा विभाग धर्माचार्य प्रमुख रामकरण पाल के साथ ही बच्चा त्रिवेदी सहित नगर के लोगो ने थाने में इसकी तहरीर दी लेकिन थानाध्यक्ष ने इसको साइबर अपराध की श्रेणि मे बताया था
हालांकि आरोपी ने माफी माँगी और थानाध्यक्ष ने चेतावनी देकर छोड़ दिया। आरोपी ने आगे से ऐसा न करने कि बात कहीं लेकिन तीन घंटे नहीं बीते कि आरोपी नें फेसबुक पर अपनी प्रोफाइल फोटो अपडेट कि जिसमें वह दुबारा अपमानजनक प्रोफाइल फोटो लगाया था इससे नाराज हिन्दू समर्थक और भड़क गए हालांकि पुलिस अब जाकर धारा 295,67 अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर लिया है और आईटी सेल भी उक्त मामले की जांच कर रहा है जगदीश कमल पर दर्ज़न भर से ज्यादा हिन्दू देवी देवताओं पर अपमानजनक पोस्ट के स्क्रीनशॉट मौजूद है फ़िलहाल आरोपी ने अपने प्रोफाइल से पुराने सारे पोस्ट डिलीट कर दिए थे। चौकी इंचार्ज परसदेपुर सुनील कुमार ने बताया कि आरोपी जगदीश कमल को पकड़ कर जेल भेज दिया गया है।
सोशल मीडिया पर आपत्ति जनक पोस्ट करने पर सजा का प्रावधान
सोशल मीडिया के जरिए किसी की धार्मिक व जातीय भावना को ठेस पहुंचाने, किसी तरह की अफवाह फैलाने, चरित्र हनन करने, आक्षेप व बदनामी करने वाले संदेश , वीडियो क्लिप, अश्लील तस्वीरें तैयार करने, कोई विवादास्पद तस्वीरें या वीडियो क्लिप को पोस्ट करने, लाइक करने, शेयर करने, कमेंट करने, फारवर्ड करने आदि अपराध की श्रेणी में आते हैं। इस तरह का कृत्य करने वाले व्यक्ति के खिलाफ पुलिस भारतीय दंड संहिता की धारा 295 (अ)(ब) और सूचना व तकनीकी अधिनियम 2000 की धारा 66 (अ), 67 के अंतर्गत अपराध दर्ज किया जा सकता है। इसमें आरोपी व्यक्ति को 7 वर्ष की सजा हो सकती है।










