कुदरत मंजिल के साहबजादे पूर्व चेयरमैन स्वर्गीय इमरान खाँ की पहली बरसी पर श्रधांजलि!
CRS तिलहर/शाहजहाँपुर-16 जनबरी 2023 की सुबह जब लोगो को पूर्व चेयरमैन इमरान खाँ की अचानक मौत की खबर सुनने को मिली तो खबर सुनने वाला जैसे हर कोई शख्स एक बार को स्टेचू बन कर रह गया हो! लोगो को विश्वास नही हो पा रहा था कि
अग्रेजी जुल्म को झेलती कुदरत मंजिल इतनी आसानी से कैसे क़मजोर हो सकती है! राजनीति व समाजसेवा के नेतृत्व में कुदरत मंजिल का इतिहास रहा है!
18 जुलाई 2012 को अध्यक्ष पद की शपथ लेने के बाद इमरान खाँ ने नगर पालिका परिषद तिलहर में नगर को सौन्द्रीकरण कराने का ऐसा प्रयास आरंभ किया कि जैसे नगर में विकास कार्यो के पंख लग गए! इमरान खाँ ने कुदरत मंजिल की समाजसेवी परम्परा को कायम रखते हुए अपनी माँ फिर स्वयं तथा पत्नि की अध्यक्षता में भी नगर को विकसित और सुन्दर बनाने का अपना प्रयास जारी रखा!
अपने पिता इफ्तखार हुसैन खाँ उर्फ मकन्नू मियाँ व भाई रेहान खाँ की वर्ष 2004 में मौत के बाद भी मजबूते खड़े रहने वाले की हिम्मत उस बक्त और भी बढ़ गई जब उनकी माता श्रीमती खाशियाँ बेग़म को नगर वासियों ने वर्ष 2006 भारी मतो से विजय श्री दिलवा कर नगर पालिका वोर्ड का चेयरमैन चुन कर अपनी मुहब्बतो से नबाज़ा!
नगरवासियों ने कुदरत मंजिल से अपनी मुहब्बत को यही तक सीमित नही रखी बल्कि जहाँ उन्होने श्रीमती खाशियाँ बेग़म के बाद वर्ष 2012 में इमरान खाँ को चेयरमैन बनाया तो वहीं वर्ष 2017 में इमरान खाँ की पत्नि श्रमती हाजरा बेग़म को और चुन कर कुदरत मंजिल को अपना स्नेह दिया तो फिर मई 2023 में दूसरी बार भी हाजरा बेग़म को ही चुना!
17 अप्रेल 1974 को जन्मे कुदरत मंजिल के छोटे शहज़ादे नगरवासियों के चहीते इमरान खाँ 16 जनबरी 2024 में दुनियाँ को अलबिदा कहते हुए कुदरत मंजिल को सूना छोड़ गए! लेकिन नगरवासियो की मुहब्बत इमरान खाँ की माँ नेक मुतक्की परहेज पूर्व चेयरमैन माँ श्रीमती खाशिया बेग़म को कुदरत मंजिल के स्थंभ के रूप में आज भी देख रही है!









