
CRS NEWS AGENCY:- सांसद चंद्रशेखर ने ‘औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026’ (The Industrial Relations Code (Amendment) Bill, 2026) पर की चर्चा, उन्होंने श्रमिकों के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा पर इसके प्रभाव के बारे में अपनी चिंताएं व्यक्त की।
उन्होंने दर्शकों को श्रम अधिकारों में बाबा साहब अंबेडकर के योगदान की याद दिलाई, जिसमें ‘इंडियन लेबर पार्टी’ की स्थापना और काम के घंटों को 12 से घटाकर 8 घंटे करना शामिल है।
चंद्रशेखर ने बताया कि यह विधेयक छटनी और तालाबंदी के लिए सरकार की पूर्व-अनुमति की सीमा को 100 से बढ़ाकर 300 कर्मचारी कर देता है, जिससे श्रमिक सुरक्षा कमज़ोरी होती है।
उनका तर्क है कि यह बदलाव SC, ST और OBC श्रमिकों जैसे कमजोर समूहों को असमान रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र नगीना के लकड़ी नक्काशी उद्योग का उदाहरण दिया, जहाँ 50 से 250 कर्मचारियों वाले कई छोटे व्यवसाय इससे प्रभावित होंगे।
“हायर एंड फायर” नीति: उन्होंने तर्क दिया कि यह विधेयक “हायर एंड फायर” (भर्ती करो और निकालो) की नीति को बढ़ावा देता है, जो नौकरी की सुरक्षा को खत्म करती है।
प्रतिनिधित्व की मांग: उन्होंने सरकार से औद्योगिक विवाद समाधान तंत्र और शिकायत निवारण सेल में SC, ST और OBC श्रमिकों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
चंद्रशेखर ने अपनी बात यह कहकर समाप्त की कि हालांकि वे सुधारों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन वे अस्पष्टता का विरोध करते हैं।
श्रमिकों के अधिकार और नौकरी की सुरक्षा।
यूनियन बनाने की स्वतंत्रता और राज्यों की भूमिका का सम्मान।
सांस्कृतिक विरासत: उन्होंने चेतावनी दी कि शिल्पकारों (Artisans) के लिए नौकरी की अस्थिरता से आर्थिक और सांस्कृतिक दोनों तरह की हानि होगी।
अंत में, उन्होंने सरकार से SC, ST और OBC श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा, बीमा, पेंशन और न्यूनतम वेतन की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।










