CRS NEWS AGENCY:- हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में हुई घटनाओं ने शिक्षा और सामाजिक न्याय के बीच के संघर्ष को एक नया और गंभीर मोड़ दे दिया है। यह विवाद न केवल नए UGC नियमों के इर्द-गिर्द घूमता है, बल्कि इसमें जातिगत भेदभाव और राजनीतिक एजेंडे के गंभीर आरोप भी शामिल हैं।
इस पूरे मामले की जड़ें 11 फरवरी को जंतर-मंतर पर चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी द्वारा किए गए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ी हैं। यह प्रदर्शन नए UGC नियमों के खिलाफ था, जिन पर वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट ने रोक (Stay) लगा रखी है।
घटनाक्रम तब बिगड़ा जब एक महिला रिपोर्टर और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस हुई। रिपोर्ट पर आधारित जानकारी के अनुसार:
रिपोर्टर की जाति पर सवाल उठाए गए।
उन पर पानी को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप लगे, जो ऐतिहासिक जातिगत भेदभाव के संदर्भ में एक अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है।
DU परिसर में तनाव का विस्तार
यह विवाद 13 फरवरी को दिल्ली विश्वविद्यालय के परिसर तक पहुँच गया। यहाँ स्थिति और भी हिंसक हो गई:
इरफान हबीब प्रकरण: इतिहासकार इरफान हबीब को पानी के साथ निशाना बनाया गया।
गंभीर आरोप: महिला रिपोर्टर ने आरोप लगाया कि उसके साथ गाली-गलौज की गई, बलात्कार की धमकी दी गई और शारीरिक हमला किया गया।
क्रॉस-FIR: वहीं दूसरी ओर, ‘आयशा’ नाम की छात्रा से जुड़ी एक अन्य महिला ने भी रिपोर्टर पर मारपीट का आरोप लगाया। दोनों पक्षों ने मौरिस नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है, जिससे वहाँ भारी हंगामा हुआ। इस मामले में ABVP के सदस्यों की संलिप्तता के भी आरोप लगे हैं।
राजनीतिक एजेंडा और असली मुद्दे
वीडियो विश्लेषण यह तर्क देता है कि इन जातिगत संघर्षों के बीच सरकार की चुप्पी चिंताजनक है। यह स्पष्ट है कि राजनीतिक दल अपने एजेंडे को साधने के लिए छात्रों के बीच की इन विभाजनों का फायदा उठा रहे हैं।
इस शोर-शराबे में बेरोजगारी और पेपर लीक (Exam Leaks) जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे कहीं पीछे छूटते जा रहे हैं। छात्र राजनीति का इस्तेमाल अक्सर समाज को बाँटने के लिए किया जाता है, जिससे वास्तविक शैक्षणिक और आर्थिक समस्याओं पर चर्चा नहीं हो पाती।
निष्कर्ष: निष्पक्षता की आवश्यकता
इस रिपोर्ट का मुख्य संदेश यह है कि रिपोर्टिंग में निष्पक्षता और तथ्यों का होना अनिवार्य है। छात्रों और आम जनता को यह समझने की जरूरत है कि वे किसी राजनीतिक एजेंडे का मोहरा न बनें। समाज को जाति-आधारित विवादों में उलझाने के बजाय उन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो वास्तव में देश के भविष्य को प्रभावित करते हैं।
Salman CRS NEWS









