ऐतिहासिक बाबा जानकी महाराज मंदिर’ आखिर 26 सालों के लंबे इंतजार के बाद सौंदर्यकरण के पथ पर।

शाहजहांपुर। जनपद के तिलहर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम कापसेडा़ बाबा जानकी महाराज मंदिर बड़ा ऐतिहासिक मंदिर है लेकिन यह मंदिर वर्षों से विकास और सौंदर्यकरण का इंतजार कर रहा है। वर्ष 2000 के बाद से बुनियादी विकास और सुविधाओं की बाट जोह रहे इस धार्मिक स्थल की तस्वीर इस वर्ष 2026 में तेजी से बदल रही है।
मंदिर परिसर में एक बड़े स्तर पर भव्य सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार का कार्य शुरू किया गया है। लंबे समय से उपेक्षित पड़े इस मंदिर के नवनिर्माण को देखकर पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में जहां एक तरफ खुशी का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ पुरानी व्यवस्था को लेकर कई वाजिब सवाल भी उठ रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर परिसर में हर वर्ष लगने वाले भव्य जानकी महाराज मेले’ से प्रतिवर्ष अच्छी खासी आय होती रही है। लेकिन विडंबना यह रही कि पिछले ढाई दशकों में विकास के नाम पर हर साल केवल दीवारों की पुताई और मामूली साफ-सफाई ही होती देखी गई। पैसा हर साल आता था, लेकिन मंदिर का मूल ढांचा जस का तस उपेक्षित पड़ा रहा।
बताया गया कि, पुरानी समिति के कार्यकाल के दौरान यह सवाल हमेशा दबे स्वर में उठता रहा कि आखिर इतने सालों तक विकास केवल रंग-रोगन तक ही क्यों सीमित रहा? उस दौर की कार्यप्रणाली और उदासीनता के कारण आस्था का यह प्रमुख केंद्र उन सुविधाओं से वंचित रहा, जिसका वह असल में हकदार था।
लेकिन इस वर्ष 2026 से जानकी महाराज समिति में हुए बदलावों ने तस्वीर साफ कर दी है। समिति की कार्यकारिणी में कुछ पुराने लोगों के जाने और नई सोच वाले कर्मठ सदस्यों के जुड़ने से व्यवस्था में जो पारदर्शिता आई है, वह अब जमीन पर नजर आ रही है। आज ग्रामीण खुद देख रहे हैं कि उसी मेले से प्राप्त राजस्व का शत-प्रतिशत उपयोग मंदिर के भव्य सौंदर्यीकरण पर किया जा रहा है। चंद महीनों के इस काम ने यह साबित कर दिया है कि अगर नीयत साफ हो, तो विकास संभव है। नई समिति के इस पारदर्शी काम ने पुरानी व्यवस्था की कमियों को खुद-ब-खुद उजागर कर दिया है और अब पूरे गांव को मंदिर के नए और दिव्य स्वरूप का बेसब्री से इंतज़ार है।










