
*चूल्हे की चिंगारी बनी काल, तीन साल का बच्चा आदित्य जिंदा जला*
खीरों,रायबरेली। थाना खीरों क्षेत्र के ग्राम ऐंधी में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहां आदित्य पुत्र रामसुमेर, जिसकी उम्र अभी महज तीन साल थी, झोपड़ी में लगी आग की चपेट में आकर जिंदा जल गया, मां रश्मी खाना बनाकर बाहर निकली ही थी कि चूल्हे से निकली एक छोटी सी चिंगारी ने पलक झपकते ही पूरी झोपड़ी को आग के हवाले कर दिया, चारपाई पर सो रहा मासूम कुछ समझ पाता उससे पहले ही लपटों ने उसे घेर लिया, बड़ा भाई आदर्श किसी तरह जान बचाकर बाहर भागा और चीख-चीख कर लोगों को बुलाता रहा, लेकिन अंदर फंसे आदित्य तक मदद पहुंचने से पहले ही उसकी जिंदगी बुझ चुकी थी, बाहर निकलने की उसकी हर कोशिश आग के आगे बेबस साबित हुई, मेहनत-मजदूरी कर परिवार पालने वाले रामसुमेर के लिए उसकी झोपड़ी ही बेटे की चिता बन गई और घर में चीख-पुकार मच गई, यह हादसा सिर्फ एक परिवार का नहीं बल्कि सिस्टम की बड़ी नाकामी का आईना भी है—अनुसूचित जाति और जर्जर आर्थिक स्थिति के बावजूद परिवार को अब तक सरकारी आवास नहीं मिल सका, अगर पक्की छत होती तो शायद यह मासूम आज जिंदा होता, ग्राम प्रधान ने सफाई दी कि पुरानी सूची में नाम नहीं था, अब नई सूची में शामिल कर लिया गया है और जल्द आवास दिया जाएगा, लेकिन सवाल यही है कि क्या हर बार किसी मासूम की जान जाने के बाद ही योजनाएं आमजन तक पहुंचेंगी, थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।










