
भारत में रूस जैसा मिसाइल डिफेंस सिस्टम बनाने की तैयारी: 400 मीटर के दायरे में दुश्मन के एयरक्राफ्ट या मिसाइल को तबाह कर देगा
CRS AGENCY। भारत जमीन से हवा में मारने वाला डिफेंस सिस्टम बनाने की तैयारी में है। इस सिस्टम से बनी मिसाइल करीब 400 किलोमीटर की दूरी तक दुश्मन के एयरक्राफ्ट को मार गिराने में सक्षम होगी। इसे LRSAM यानी लॉन्ग रेंज सरफेस टू एअर मिसाइल नाम दिया गया है।
ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस मिसाइल को बनाने का प्रस्ताव डिफेंस मिनस्ट्री में है। जल्द ही इसे मंजूरी मिल सकती है। भारत इसे बनाने के लिए 20.5 हजार करोड़ खर्च करेगा।
LRSAM डिफेंस सिस्टम विकसित करने के बाद भारत हवा में ही दुश्मन के ड्रोन और लड़ाकू विमानों को निशाना बना पाएगा। इस तरह की तकनीकी क्षमता दुनिया के केवल चुनिंदा देशों के पास ही है। इस तरह की तकनीक भारत के DRDO ने इजरायल की IAI कंपनी ने साथ मिलकर बनाया था, जिसे MRSAM नाम दिया गया था। अब भारत ने इसका नाम बदलकर LRSAM कर दिया है।
हाल ही में भारत ने रूस से S-400 मिसाइल सिस्टम खरीदा था। रूस और भारत ने अक्टूबर 2018 में S-400 की सप्लाई को लेकर एक डील की थी। यह मिसाइल सिस्टम 4 अलग-अलग मिसाइलों से लैस है जो दुश्मन के जंगी जहाज, ड्रोन, विमानों और बैलिस्टिक मिसाइलों को 400 किमी की दूरी पर मार सकता है।
S-400 एक एयर डिफेंस सिस्टम है, यानी ये हवा के जरिए हो रहे अटैक को रोकता है। ये दुश्मन देशों के मिसाइल, ड्रोन, राकेट लॉन्चर और फाइटर जेट्स के हमले को रोकने में कारगर है। इसे रूस के एलमाज सेंट्रल डिजाइन ब्यूरो ने बनाया है और दुनिया के बेहद आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम में इसकी गिनती होती है। भारत और रूस के बीच S-400 की 5 यूनिट के लिए 2018 में करीब 40 हजार करोड़ रुपए की डील हुई थी।









