
ऊंचाहार,रायबरेली। एक स्कूल द्वारा क्रूरतम घटना को अंजाम देने का मामला प्रकाश में आया है। बच्चों को कमरे में बन्द कर उन्हे लेने गए शख्स के साथ मारपीट करने का आरोप है। कोतवाली में तैनात एक महिला पीआरडी की जवान ने बीबीपी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य व स्कूल कर्मचारियों पर बच्चों को लेने गए बहन के बेटे को मारपीट कर घायल करने के साथ उसके बच्चों को कमरे में बन्द करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में शिकायत की है।
क्षेत्र के असलहापुर निवासिनी अनीता यादव कोतवाली में बतौर पीआरडी जवान ड्यूटी करती हैं। उसके बच्चे आकांक्षा व अर्पित क्षेत्र के पूरे छीटू सिंह मजरे सवैया हसन स्थित बीबीपी पब्लिक स्कूल में पढ़ते हैं। स्वास्थ ठीक न होने के कारण सोमवार को वह अपनी बहन के बेटे लवकुश जो उसके साथ ही रहता है उसके साथ अपने बच्चों को स्कूल भेज दिया और खुद ड्यूटी करने कोतवाली चली गई। आरोप है कि छुट्टी होने पर स्कूल के प्रधानाचार्य ने बच्चों को उसके बहन के बेटे के साथ भेजने से मना कर दिया जबकि ड्यूटी पर तैनात होने के कारण पीआरडी जवान अनीता यादव ने फोन पर बात चीत करके बच्चों को अपनी बहन के बेटे लवकुश के साथ भेजने बोल दिया। लेकिन प्रधानाचार्य कागज पर लिखकर देने की बात पर अड़े रहे। वहीं बच्चों को लेने गया लवकुश का कहना था कि जब बच्चों के अभिभावक स्वयं बात हो गई तो लिखकर देने की आवश्यकता ही क्या है। इसी बात पर स्कूल के प्रधानाचार्य और कर्मचारियों ने उसको मारपीट कर घायल कर दिया और बच्चों को कमरे में बन्द कर दिया। बच्चों को कमरे में बन्द करने की सूचना पर तत्काल पीआरडी जवान स्कूल पहुंची और बच्चों को कमरे से बाहर निकलवाया वहीं घायल का ईलाज कराया। पीड़िता ने कोतवाली में शिकायत की है। इस घटना से यह साबित होता है कि छात्रों के प्रति स्कूल कितना संवेदनहीन है।
कोतवाल अनिल कुमार सिंह से बात की गई तो उनसे बात नहीं हुई। फोन उठाने वाले शख्श ने बताया कि साहब मीटिंग में हैं।










