
CRS NEWS लखनऊ। प्रदेश सरकार पहली बार भारत सरकार की तर्ज पर विधान मंडल के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण के बाद आर्थिक सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करने जा रही है। इस रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान प्रदेश की आर्थिक स्थिति के साथ-साथ चालू वित्तीय वर्ष के बीते नौ महीनों की प्रमुख उपलब्धियों और आंकड़ों को शामिल किया जाएगा। साथ ही इसमें भविष्य की संभावनाओं और अनुमान का भी उल्लेख रहेगा।
सूत्रों के अनुसार, आर्थिक सर्वे रिपोर्ट को एक-दो दिन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद बजट सत्र के दौरान इसे सदन के पटल पर रखा जाएगा।
अब तक नियोजन विभाग के अर्थ एवं संख्या प्रभाग द्वारा आर्थिक सर्वे रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की जाती रही है, लेकिन पहली बार प्रदेश सरकार इसे वृहद और व्यापक स्तर पर तैयार करा रही है। इस रिपोर्ट में प्रदेश की संपूर्ण आर्थिक स्थिति का विस्तृत ब्यौरा होगा।
आर्थिक सर्वे रिपोर्ट में प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि की स्थिति, बजट आवंटन और व्यय का विवरण शामिल रहेगा। इसके साथ ही उद्योग, निर्माण, कृषि, सेवा क्षेत्र, अवसंरचना, ऊर्जा, रोजगार जैसे प्रमुख क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इन क्षेत्रों में हुए बदलावों, उपलब्धियों और चुनौतियों का विश्लेषण भी रिपोर्ट का हिस्सा होगा।सूत्रों के मुताबिक, यह रिपोर्ट सरकार की उपलब्धियों और चुनौतियों पर आधारित होगी। इसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 के साथ-साथ चालू वित्तीय वर्ष के पिछले नौ महीनों के आंकड़ों को शामिल किया जा रहा है। मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों की जानकारी देने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में भविष्य के संभावित रुझानों और अनुमानों को भी दर्शाया जाएगा। रिपोर्ट के माध्यम से राज्य के आर्थिक विकास, संरचनात्मक चुनौतियों और नीतिगत प्राथमिकताओं का समग्र आकलन प्रस्तुत किया जाएगा।
गौरतलब है कि आर्थिक सर्वे किसी देश या राज्य की आर्थिक स्थिति का रिपोर्ट कार्ड माना जाता है। इसमें सरकार की आय, व्यय और आर्थिक प्रगति का विस्तृत विवरण होता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य की अर्थव्यवस्था किस दिशा में आगे बढ़ रही है और सरकार के समक्ष कौन-कौन सी प्रमुख चुनौतियां हैं।










