
CRS NEWS AGENCY:- सुल्तानपुर: कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को आठ साल पुराने मानहानि मामले में सुल्तानपुर की एक अदालत में पेश हुए। यह मामला भाजपा नेता विजय मिश्रा द्वारा 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान अमित शाह के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर दर्ज कराया गया था।
सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया। उन्होंने अदालत में निम्नलिखित मुख्य बिंदु रखे, राहुल गांधी ने दावा किया कि सबूत के तौर पर पेश की गई सीडी के साथ छेड़छाड़ की गई है।
उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और यह मुकदमा उनकी छवि खराब करने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से दर्ज किया गया है।
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 मार्च, 2026 की तारीख तय की है।
विजय मिश्रा के वकील संतोष पांडे के अनुसार, राहुल गांधी ने कोर्ट में सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि उन्हें सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए इस मामले में झूठा फंसाया गया है।
दिवंगत रामचेत मोची के घर पहुंचे राहुल/
कोर्ट की कार्यवाही के बाद, राहुल गांधी सीधे अपने पुराने मित्र रामचेत मोची के घर पहुंचे, जिनका निधन लगभग तीन महीने पहले (11 नवंबर, 2025) हो गया था। रामचेत मोची कैंसर और टीबी से जूझ रहे थे।
राहुल गांधी और रामचेत की मुलाकात जुलाई 2024 में हुई थी, जब राहुल एक अन्य अदालती पेशी के दौरान उनकी दुकान पर रुके थे। उस समय राहुल ने न केवल उनसे जूते सिलने की कला सीखी थी, बल्कि खुद भी एक जूता सिला था।
राहुल गांधी ने रामचेत को उनके काम के लिए 1 लाख रुपये की जापानी सिलाई मशीन और अन्य सामान उपहार में दिया था। रामचेत की बीमारी के दौरान भी राहुल गांधी ने उनके इलाज में आर्थिक मदद की थी। वर्तमान में रामचेत का बेटा उनकी दुकान चला रहा है, जिनसे राहुल गांधी ने मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
“राहुल गांधी का यह दौरा एक तरफ कानूनी चुनौतियों और दूसरी तरफ उनके व्यक्तिगत रिश्तों और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार को दर्शाता है।”








