
CRS NEWS : लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान बेरोजगारी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने सरकार से पूछा कि जब पर्याप्त नौकरियां उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, तो क्या पूर्ववर्ती सरकार की तरह बेरोजगारी भत्ता देने पर विचार किया जाएगा।
इस पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने स्पष्ट किया कि सरकार बेरोजगारी भत्ता देने की कोई योजना नहीं बना रही है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी भत्ता अस्थायी समाधान हो सकता है, लेकिन सरकार का लक्ष्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करना है। मंत्री ने दावा किया कि अब तक सरकार 8.45 लाख सरकारी नौकरियां प्रदान कर चुकी है।
सपा के साथ-साथ कांग्रेस ने भी सरकार द्वारा गठित आउटसोर्सिंग कॉर्पोरेशन के कामकाज पर सवाल उठाए। विपक्ष का आरोप था कि कॉर्पोरेशन बने हुए पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम शुरू नहीं हुआ है। सपा सदस्यों संदीप सिंह और पंकज मलिक ने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार के नाम पर युवाओं को प्लंबर, पेंटर और मजदूर बनाने तक सीमित कर रही है।
कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि प्रदेश में 50 लाख से अधिक पंजीकृत बेरोजगार हैं, इसके बावजूद रोजगार मेलों के जरिए उन्हें सम्मानजनक वेतन और स्थायी रोजगार नहीं मिल पा रहा है।मंत्री अनिल राजभर ने अपने जवाब में दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रोजगार बढ़ाना है और आउटसोर्सिंग निगम का गठन किया जा चुका है।
मंत्री के उत्तर से असंतुष्ट होकर सपा सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर जाने लगे। इसी दौरान विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना चुटीली टिप्पणी करते हुए कहा, “अरे, मन नहीं है जाने का… बैठ जाइए आप लोग, आज अंतिम दिन है, मैं चाहता हूं सब रहें।” अध्यक्ष की इस टिप्पणी के बाद कुछ देर में सपा सदस्य वापस अपनी सीटों पर लौट आए।








