बेहतर है इंकसारी को ज़ेवर बनाइए
किरदार के घमंड में जो आ गया, गया
CRS तिलहर/शाहजहांपुर-कल शाम बरोज़ हफ़्ता बज़्म काशान-ए-अदब की जानिब से शायर वाजिद हुसैन वाजिद के मकान मोहल्ला कांकड़ में एक शेरी नशिस्त का ऐहतमाम किया गया जिसकी सदारत उस्ताद शायर मुख्तार तिलहरी ने की और निज़ामत हसन तिलहरी ने प्रोग्राम का आग़ाज़ अकरम तिलहरी ने नात-ए-रसूले पाक से किया जिसमें काफी तादाद में लोग जमा रहे और शोअरा के कलाम से लुत्फअन्दोज़ हुए और शोअरा को खूब दाद ओ तहसीन से नवाजा कुछ पसन्दीदा अशआर
बेहतर है इंकसारी को ज़ेवर बनाइए
किरदार के घमंड में जो आ गया, गया
मुख़्तार तिलहरी
फिर वही बात कहो दिल को जो देती है सुकूं
क्या कहा ? अपनी खताओं पे मैं शर्मिंदा हूं
जर्रार तिलहरी
बेहयाई है हर तरफ फैली
अपनी गैरत को तार तार न कर
रहमत तिलहरी
कितने घाटे में हैं वो लोग कभी ग़ौर करें।
चन्द सिक्कों के लिए जिनसे वतन छूट गया
वाजिद हुसैन वाजिद
खौफ तारी है अब ज़माने पर
आदमी रोता है हंसाने पर
अदीब तिलहरी
कहने को कह तो लीजिए मुख़्तार ज़िन्दगी।
तालीम के बग़ैर है बेकार ज़िन्दगी।
शोईद ख़ैरपुरी
अपने अजदाद की तारीख सलामत रखना
अपने बच्चों को यही हमने नसीहत की है
अकरम तिलहरी
सितम जितने भी चाहो करलो हम पर!
वही काटोगे जो तुम बो रहे हो!!
हसन तिलहरी
जिसको देखो उसके चेहरे पर पड़ी है इक निक़ाब
कौन सच्चा कौन झूठा कुछ पता चलता नहीं
उवैस ख़ां शिफ़ा
बांट ली मिलके बेटो ने सब ज़र ज़मीं
बेटीयाँ छोड़ दीं बूढ़ी माँ के लिये
कौसर अली कौर खैरपुरी
सरताज शेर कोई मुकम्मल न हो सका
जब से ख़्याल ए यार से निस्बत नहीं रही
सरताज शाहजहाँपुरी
इनके इलावा तौसीफ़ तिलहरी ने भी अपने कलाम पेश कर खूब वाहवाही लूटी महफ़िल में ख़ालिद हुसैन, जावेद हुसैन , फिरोज़ हुसैन ,साजिद ख़ां, तारिक़ ख़ां सभासद आसिफ़ ख़ां छोटू , फारूकी शेख़ , आफ़ाक़ हुसैन , पप्पू भाई के अलावा काफी लोग मौजूद रहे प्रोग्राम देर रात तक चला









