
फ़ख़रुद्दीन अली अहमद, भारत के पांचवे राष्ट्रपति भुला दिया गया!
(CRS इमरान सागर की क़लम से)
मुस्लिम कौम के अंसार बिरादरी से फखरुद्दीन अली अहमद, एक एैसा नाम जिसने देश की तरक्की में अपना अहम किरदार निभाया लेकिन बदलते परिवेष में कौम की रहनुमाई का ढ़ोल बजाने बाले ने इस नाम को इतिहास के पन्नो में तय लगा रखने वाले का साथ दिया! उनका जन्म 13 मई 1905, पुरानी दिल्ली, मे हुआ था उनकी मृत्यु 11 फरवरी 1977 में 72 साल की में हृदयगति रुक जाने से राष्ट्रपति कार्यालय नई दिल्ली में मौत हो गई थी!पत्नी बेगम आबिदा अहमद के नाम से जानी जाती थी!
पांचवे राष्ट्रपति के रूप में फ़ख़रुद्दीन अली अहमद साहब हालांकि भारत के पांचवे राष्ट्रपति के रूप में ही नही पहचाने जाते हैं बल्कि अपनी मृदुल भाषा शैली और काबलियत से उस समय देश की तारत बढ़ाने में अपना अहम किरदार निभाने की बजह से भी पहचाने जाते हैं लेकिन वर्तमान समय में जहाँ देश छोटे से छोटे सिपाही का जन्मदिवस मना कर स्वंय का प्रचार करने में सबसे अग्रिम पक्ति में दिखना चाहता है तो वहीं देश के पांचवे महामहिम राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद को इतिहास के पन्नो में पूरी तरह छिपाकर रख दिया गया!
इतिहास के पन्नो में या फिर गूहल विकिपिडिया पर गौर से नज़र दौड़ाए तो पता चलता है कि देश के पाच़वे महामहिम राष्ट्रपति के पर रहे एक मुस्लिम फ़ख़रुद्दीन अली अहमद 1931 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़ गए थे! प० जवाहर लाल नेहरू के सुझाव पर वह मुस्लिम आरक्षित सीट पर चुनाव लड़े और जीते और 1938 में बारदोली के नेतृत्व उन्हें वित्तमंत्री भी बनाया गया! 1940 में सत्याग्रह आंदोलन एवं 1942 में भारत छोडो आंदोलन के समर्थन की वजह से जेल गए! उन्होंने तीन साल से ज्यादा का समय जेल में बिताया!
आपका जीवन परिचय-फ़ख़रुद्दीन अली अहमद के दादा खालिलुद्दिन अली अहमद असम के कचारीघाट (गोलाघाट के पास) से थे लेकिन फ़ख़रुद्दीन अली अहमद का जन्म, 13 मई 1905 को दिल्ली में हुआ! उनके पिता मिलिट्री में कर्नल ज़लनूर अली थे, जो कि एक अंसार जाती के थे और उनकी मां दिल्ली के लोहारी के नवाब की बेटी थीं!
श्री अहमद को गोंडा जिल के सरकारी हाई-स्कूल और दिल्ली सरकारी हाई-स्कूल में शिक्षित किया गया! उच्च शिक्षा के लिए वे 1923 में इंग्लैंड गए, जहां उन्होंनें सेंट कैथरीन कॉलेज, कैम्ब्रिज में अध्ययन किया और 1928 में उन्होंने लाहौर उच्च न्यायालय में कानूनी अभ्यास आरंभ किया! 1952 में असम से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए! इसके बाद 1957 से 1967 तक असम में विधायक रहे! 1971 से दोबारा केंद्रीय राजनीति में आये और कई मंत्रालय संभाले!
फ़ख़रुद्दीन अली अहमद, राष्ट्रपति पद के लिए नामित होने से पहले, खाद्य एवं कृषि मंत्री के रूप में कार्यरत रहे थे! 1974 में प्रधानमंत्री इन्दिरा गान्धी ने अहमद को राष्ट्रपति पद के लिए चुना और वे भारत के दूसरे मुस्लिम राष्ट्रपति बन गए! इन्दिरा गान्धी के कहने पर उन्होंने 1975 में अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल किया और आंतरिक आपातकाल की घोषणा कर दी!










