कोर्ट से कब्रिस्तान का रास्ता मुकर्रर होने के बाद भी निजी आराजी से जबरन रास्ते की मांग पर अड़ी भीड़!
दान पत्र के जरिए मिली आराजी पर निर्माण करने पर भीड़ ने काटा हंगामा!
फिलहाल पुलिस ने निर्माण रुकवा दिया है! आराजी स्वामिनी ने पुलिस को दी तहरीर!
CRSतिलहर/शाहजहाँपुर-भाइयों द्वारा वहन को दान पत्र लिखकर दी गई आराजी पर निर्माण शुरू होते ही एकत्र हुई भारी भीड़ ने उक्त भूमि में कब्रिस्तान का रास्ता होने का तर्क देते हुए जमकर हंगामा काटने लगे! सूचना पर पहुंची 112 पुलिस ने दोनो पक्षों को कोतवाली पहुँचाया जहाँ कोतवाल ने जांच होने तक निर्माण न करने पर फिलहाल रोक लगा दी है!
जानकारी के मुताबिक नगर के मोहल्ला मौजमपुर पुराने रोड़ वेज से सटे कब्रिस्तान के अगले भाग में मिल्कियत के स्वामित्व को लेकर अहमद हुसैन आदि वनाम आजम आदि के बीच तिलहर कोर्ट में मामला चला था! जिसमे 1992 में निजी आराजी के पीछे स्थित कब्रिस्तान के बनाए गए गेट को कोर्ट ने अवैध करार देते हुए ध्वस्त किए जाने का 6 सितंबर 1997 को आदेश दिया था! विपक्ष द्वारा जिला कोर्ट में अपील की गई यहाँ भी 15 मई 2000 को गेट को अवैध करार देते हुए पूर्व के निर्णय की पुष्टि कर दी गई, जबकि कब्रिस्तान का रास्ता पश्चिम दिशा में है!
अहमद हुसैन के निधन के बाद उनके बेटों अख्तर, शब्बन व लड्डन ने अपनी सगी बहन जीनत को उक्त आराजी का 2022 में दान पत्र के जरिए अपनी आराजी स्थित मोहल्ला मौजमपुर अन्दर चुगी गाटा संख्या-58/1 रकवा 0.2430 है० 23 नवंबर 2022 देकर कब्जा व दखल दे दिया!
8 अगस्त से उक्त आराजी पर नीव भरवाने तथा बाउण्ड्री का कार्य शुरू किया गया!
आराजी स्वामिनी जीनत का आरोप है कि पड़ोस के इंतजार उर्फ लाला, उनसे 5 लाख रूपये की रंगदारी मांगने लगा, न देने पर निर्माण कार्य बन्द करा दूँगा की धमकी दी! 8 सितंबर को सुबह 8 बजे कार्य शुरू होते ही इंतजार उर्फ लाला, हासिम पुत्र वन्ने व मोहसिन, हैदर पुत्र युनिस किराना इस्लाम व सरफराज पुत्र गण सुल्तान अहमद, फिरोज आदि उसकी आराजी पर घुस आए और लेवर, मिस्त्री से काम जबरन बन्द करने लगे! हंगामा की सूचना मिलते ही 112 पुलिस मौके पर पहुंची और दोनो पक्षों को कोतवाली ले गई जहाँ कोतवाल ने फिलहाल काम रुकवा दिया है!









