
CRS NEWS रायबरेली: अहमदाबाद, गुजरात सरकार ने उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाए हैं और दुकानदारों को चेतावनी दी है कि “बिका हुआ सामान वापस नहीं होगा” जैसी पंक्तियाँ लिखकर ग्राहकों के अधिकारों का हनन न करें। सरकार के नए सर्कुलर के अनुसार, ग्राहक को खरीदी गई वस्तु को उसी स्थिति में वापस करने का अधिकार है, जिस स्थिति में उसने उसे खरीदा था। दुकानदारों को इसे मानने का निर्देश दिया गया है, और वापस लेने से इनकार करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
गुजरात सरकार के अनुसार, अगर किसी व्यापारी ने बेचा हुआ सामान वापस लेने से इनकार किया, तो ग्राहक उपभोक्ता अदालत में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत ग्राहक दोषपूर्ण सामान को बदलवाने या उसकी कीमत वापस लेने का हक रखते हैं। इसके साथ ही, यदि खरीदे गए सामान से ग्राहक को नुकसान होता है, तो ग्राहक नुकसान भरपाई का दावा भी कर सकते हैं।
गुजरात में उपभोक्ता फोरम और कोर्ट में ऐसे करीब 70 मामले लंबित हैं, जिनमें ग्राहकों की शिकायत है कि दुकानदारों ने बेचे गए सामान को वापस लेने से इनकार कर दिया। अहमदाबाद के एक शोरूम का उदाहरण सामने आया, जहाँ एक महिला ने अपने पति के लिए 16,000 रुपये की घड़ी खरीदी, लेकिन घड़ी की बेल्ट छोटी निकलने पर उसे वापस नहीं लिया गया। महिला ने इसके खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण में शिकायत दर्ज कराई है।
यदि दुकानदार ग्राहकों के अधिकारों का उल्लंघन करते हैं, तो ग्राहक जिला उपभोक्ता फोरम, राज्य उपभोक्ता आयोग, या राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, उपभोक्ता मामले मंत्रालय की वेबसाइट पर या उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1800-11-4000 पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
गुजरात सरकार के इस फैसले से स्पष्ट है कि वह उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। “बिका हुआ सामान वापस नहीं होगा” जैसी नीतियों के चलते ग्राहकों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता। सरकार का यह कदम न केवल उपभोक्ताओं को सशक्त बनाएगा बल्कि बाजार में पारदर्शिता और ईमानदारी को भी बढ़ावा देगा।








