
CRS NEWS रायबरेली: एक दिल दहला देने वाली घटना में रायबरेली जिले के अमान सिंह भगवंतपुर चंदनिहा गांव के रहने वाले सैनिक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पहले पिता ने देश की सेवा करते हुए अपनी जान गंवाई और अब मां भी एक सड़क हादसे में काल के गाल में समा गईं। इस हादसे ने परिवार के दो मासूम बच्चों को अनाथ कर दिया, जिनकी दयनीय स्थिति हर किसी को झकझोर रही है।
गांव के निवासी हरकेश प्रताप सिंह सेना में कार्यरत थे। बताया जाता है कि ड्यूटी के दौरान उनका निधन हो गया था। उनके जाने के बाद पत्नी प्रीति सिंह (33) ने परिवार की सारी जिम्मेदारियां अपने कंधों पर उठा लीं। 12 साल की बेटी और 9 साल के बेटे अथर्व को पालने के लिए प्रीति ने सैनिक कल्याण निगम के तहत एम्स रायबरेली में गार्ड की नौकरी करना शुरू किया।
प्रीति रायबरेली के गोरा बाजार स्थित सम्राट नगर में किराए के मकान में रहकर बच्चों को पढ़ा-लिखा रही थीं। 6 जनवरी को उनके बेटे अथर्व का कर्ण छेदन संस्कार था, जिसके लिए वह गांव गई थीं। अगले दिन, 7 जनवरी को उनकी रात्रि ड्यूटी थी। गांव से लौटते समय, एम्स के लिए निकलते वक्त रास्ते में उनकी स्कूटी एक हादसे का शिकार हो गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
इस हादसे के बाद दोनों मासूम बच्चे अनाथ हो गए हैं। मां के गुजरने पर 12 साल की बेटी बिलख-बिलखकर रो रही है और 9 साल का बेटा अथर्व गम के सागर में डूबा है। इस मंजर को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
सैनिक परिवार और गांव के लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं। इस घटना ने सैनिक परिवारों की कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों को उजागर किया है।
अनाथ हुए इन बच्चों के भविष्य के लिए प्रशासन को आगे आकर मदद करनी चाहिए ताकि वे अपने माता-पिता के सपनों को पूरा कर सकें।










