
गंगा की बाढ़ से जनजीवन प्रभावित, धूता सहित कई गांवों में फसलों व पशुओं के चारे का संकट
गदागंज (रायबरेली), 10 सितम्बर:
थाना क्षेत्र के अंतर्गत जगतपुर ब्लॉक के धूता गांव में गंगा नदी के जलस्तर में निरंतर वृद्धि के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त होता जा रहा है। बाढ़ का पानी धूता में बन रहे नव-निर्मित गौशाला तक पहुंच गया है, जिससे निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। वहीं पहले से संचालित गौशाला भी जलभराव की चपेट में आ गया है, जिससे वहां रह रहे जानवरों को चारा पहुंचाना बेहद मुश्किल हो गया है।
बाढ़ के पानी ने गंगा घाट और आसपास के संपर्क मार्गों को भी डुबो दिया है, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय किसान पप्पू अवस्थी, राधेश्याम, उमानाथ शुक्ल, महेंद्र मिश्रा, गउदीन और बृजलाल यादव ने बताया कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और फसलों के पूरी तरह नष्ट होने का खतरा मंडरा रहा है। कटरी क्षेत्र की अधिकांश फसलें पानी में डूब चुकी हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
सबसे बड़ी समस्या पशुओं के चारे को लेकर सामने आ रही है। चारा गाहों में पानी भर जाने के कारण हरा चारा पूरी तरह नष्ट हो गया है। धूता, पूरे लोनियन, नारायण भीट, मुलाहीबाद, गुलरिहा, मिश्रापुर, पूरे मुराईन, कजियाना, मंझलेपुर, पूरे ठकुराइन, सैदलीपुर समेत दर्जनों गांवों के किसान चारा संकट से जूझ रहे हैं।
धूता ग्राम प्रधान बलराम यादव ने बताया कि पुराने गौशाला में फिलहाल जानवरों की व्यवस्था कर दी गई है, और जरूरत पड़ने पर उन्हें ऊंचे स्थान पर शिफ्ट कर भूसे आदि की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब तक प्रशासन का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर स्थिति का जायज़ा लेने नहीं पहुंचा है। यदि गंगा का जलस्तर इसी प्रकार बढ़ता रहा, तो गंगा कटरी क्षेत्र के गांवों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं।








