
CRS NEWS : प्रयागराज। मौनी अमावस्या के पावन स्नान पर्व को लेकर प्रयागराज में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए संगम क्षेत्र को एटीएस और अर्धसैनिक बलों के हवाले कर दिया गया है। संगम के चारों ओर प्रशासनिक निगरानी के लिए एडीएम और एसडीएम स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है, जिससे किसी भी स्थिति पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके।
माघ मेला के मुख्य स्नान पर्व को लेकर प्रशासन और पुलिस ने व्यापक प्लानिंग की है। संगम के सर्कुलेटिंग एरिया में संगम नोज, संगम माउथ, यमुना पट्टी और गंगा पट्टी में चार एडीएम को जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया है। इनके साथ चार एसडीएम को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाया गया है। सुरक्षा के लिहाज से संगम क्षेत्र में घुड़सवार पुलिस, डॉग स्क्वायड और क्यूआरटी की छह टीमें भी तैनात हैं।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि स्नान पर्व की संवेदनशीलता को देखते हुए आसपास के जिलों मीरजापुर, चित्रकूट, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी, प्रतापगढ़, जौनपुर और भदोही से भी एडीएम और एसडीएम को बुलाया गया है। वीआईपी घाट और किला घाट पर दो जोनल मजिस्ट्रेट व दो सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। माघ मेला के सबसे बड़े स्नान घाट एरावत पर भी दो जोनल और दो सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। सभी पांटून पुलों और स्नान घाटों पर एक-एक सेक्टर मजिस्ट्रेट को सीओ और इंस्पेक्टर स्तर की पुलिस फोर्स के साथ तैनात किया गया है।इसके अलावा त्रिवेणी मार्ग, अक्षयवट मार्ग, जगदीश रैंप, काली मार्ग, गंगा पथ, संगम अपर मार्ग और संगम लोअर मार्ग पर एसडीएम स्तर के अधिकारी पुलिस बल के साथ लगातार भ्रमणशील रहेंगे। मुख्य चौराहों और संगम क्षेत्र में बनाए गए वॉच टावरों पर भी मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। मेला प्रवेश मार्गों जैसे मधवापुर तिकोनिया, फोर्ट रोड चौराहा (अलोपीबाग फ्लाईओवर के नीचे), मिंटो पार्क, दारागंज में दशाश्वमेध घाट के पास, नागवासुकी मंदिर के नीचे और झूंसी के विभिन्न प्रवेश बिंदुओं पर भी मजिस्ट्रेटों को तैनात किया गया है।
तीनों पुलों पर वाहनों का आवागमन बंद
मौनी अमावस्या के अवसर पर भीड़ नियंत्रण के मद्देनजर गंगा पर फाफामऊ आजाद सेतु तथा यमुना पर नया और पुराना पुल वाहनों के लिए बंद कर दिए गए हैं। इन पुलों पर केवल पैदल श्रद्धालुओं को ही आवागमन की अनुमति है। प्रशासन ने शनिवार रात 12 बजे से रविवार रात 12 बजे तक कुल 24 घंटे के लिए तीनों पुलों को बंद रखने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही अलोपीबाग फ्लाईओवर पर भी वाहनों की नो एंट्री लागू की गई है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए सभी 10 इमरजेंसी प्लान लागू कर दिए हैं। तीनों पुलों के दोनों छोरों पर मजिस्ट्रेट और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी तैनात रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि इन पुख्ता इंतजामों के चलते मौनी अमावस्या का स्नान पर्व पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहा है।










