
CRS NEWS:- 37 सालों तक Iran की सत्ता के निर्विवाद केंद्र रहे सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई में पूरे ईरान की आंखें नम थीं। देश की मुख्य मस्जिद में हुए इस जनाजे में लाखों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस ऐतिहासिक और भावुक मौके पर देश के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (Masoud Pezeshkian), इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के चीफ अहमद वाहिदी और खामेनेई के तीनों बेटे अग्रिम पंक्ति में मौजूद रहे।
अमेरिका और इजरायल जैसे धुर विरोधियों के हाथों अपने शीर्ष नेता की हत्या के बाद, ईरान में इस वक्त भारी दुख और गुस्से की लहर है। हालांकि, दशकों के अमेरिकी प्रतिबंधों और गहरे आर्थिक संकट की मार झेल रही ईरानी आवाम ने अपने मतभेदों को भुलाकर एक अभूतपूर्व एकजुटता दिखाई है।
इस जनाजे से दुनिया और पश्चिमी देशों को एक बेहद सख्त संदेश दिया गया है— “आपने हमारे नेता की जान जरूर ली है, लेकिन हमारी व्यवस्था और हमारे हौसले को आप नहीं तोड़ सकते।”
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस राष्ट्रीय शोक ने फिलहाल Iran की आंतरिक राजनीतिक गुटबाजी को ढक दिया है। हालांकि, देश दो ध्रुवों में बंटा नजर आ रहा है— एक तबका इसे स्थिरता की शुरुआत मान रहा है, तो वहीं कइयों को खौफ है कि यह एक नए और कहीं ज्यादा विनाशकारी महायुद्ध का अलार्म है।
मध्य पूर्व में तनाव: सीजफायर की उड़ीं धज्जियां
Iran जहां अपने नेता को विदा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ युद्ध के मोर्चे पर शांति की उम्मीदें फिर टूट गई हैं। अमेरिका की मध्यस्थता में हुए सीजफायर (संघर्ष विराम) समझौते को दरकिनार करते हुए इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) का आक्रामक सैन्य अभियान लगातार जारी है।
हमलों के ताज़ा अपडेट:
गाजा पर कहर: इजरायली सेना ने गाजा पट्टी पर ताज़ा ड्रोन हमले किए हैं, जिसमें दो लोगों की मौत की खबर है।
लेबनान भी निशाने पर: हमलों का दायरा बढ़ाते हुए इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के नबतीयेह (Nabatieh) इलाके को भी अपना निशाना बनाया है।
सीरिया बॉर्डर पर हाई-वोल्टेज ड्रामा, इजरायली घुसपैठिए अरेस्ट
इस बीच, सीरियाई सीमा पर एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। इजरायली सेना ने खुद अपने ही देश के 100 से अधिक नागरिकों (सेट्लर्स) को सीरियाई सीमा में घुसपैठ करते हुए गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरी साजिश?
गिरफ्तार किए गए ये सभी लोग ‘बाशन पायनियर्स’ (Bashan Pioneers) नाम के एक उग्र समूह के सदस्य हैं। इनका मकसद सीरिया के कब्जे वाले इलाकों में घुसकर नई इजरायली बस्तियां (Settlements) बसाना है, ताकि उस पूरे क्षेत्र में इजरायल का भौतिक और क्षेत्रीय दबदबा कायम किया जा सके। सेना की इस कार्रवाई ने इजरायल के भीतर उग्र समूहों और सैन्य व्यवस्था के बीच बढ़ते तनाव को भी उजागर कर दिया है।











