
गदागंज पुलिस की मिलीभगत से फल-फूल रहा अवैध कबाड़ की दुकानें , बड़े वाहनों को मिनटों में डकार जाते हैं कबाड़ी l
सह संपादक इंतजार सिंह
रायबरेली। डलमऊ रायबरेली जिले के गदागंज थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से क्षेत्र के बिना लाइसेंस के चलाई जा रही है दर्जनों कबाड़ की दुकाने जहां पर बिना लाइसेंस के काटे जा रहे हैं दो पहिया व चार पहिया वाहन आपको बताते चलें कि थाने में हाल ही में नीलाम हुई गाडियां भी उन कबाड़ियों के हाथ बेच दीं गई जिनके पास न तो ख़ुद के कोई जी एस टी पेपर हैं न ही कबाड़ खरीदने बेचने का कोई लाइसेंस नीलामी की खरीदी गई कुछ गाड़ियों को जहां एक ओर कबाड़ी से थाने में ही तैनात कर्मचारियों द्वारा ख़रीद लिया गया तो वहीं सूत्रों की माने तो कबाड़ी द्वारा अन्य दो पहिया वाहन लोगों को बेच दिए गए जिन्हें खरीदने के बाद वाहन स्वामियों को आज तक वाहनों से संबंधित दस्तावेज प्राप्त नहीं कराए जा सकें हैं। और आपको हम बता दें कि गदागंज थाना क्षेत्र में ही एक नया मामला सामने आया है कई साल पहले सड़क हादसे में मखदूमपुर पुलिस चौकी के निकट दुघर्टना ग्रस्त डीसीएम गाड़ी कई सालों से रोड के किनारे खड़ी हुई थी लेकिन गदागंज पुलिस इस पर भी घात लगाए बैठी हुई थी कब उसे मौका मिले और उस डीसीएम का भी सौदा कर दिया जाए गदागंज पुलिस द्वारा वही किया गया मखदुमपुर पुलिस चौकी के निकट स्थित पुलिस के चहेते कबाड़ी के हाथों डीसीएम का सौदा कर दिया गया वहीं जब कबाड़ी से व पुलिस से वाहन से संबंधित दस्तावेजों के सम्बंध में जानकारी मांगी गई तो वाहन स्वामी द्वारा बेचे जानें की बात कह कर गुमराह कर दिया गया। सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि ज़िम्मेदार अधिकारियों के पास वाहन से संबंधित कोर्ट से रिलीजिंग ऑर्डर तो वाहन स्वामी ने दिया ही होगा। वहीं जब कबाड़ी से कागज की मांग की गई तो कबाड़ी हक्का-बक्का हो गया और बताया कि डीसीएम 55000 की खरीदी है कबाड़ी से जानकारी लेने पर पता चला कि कोई व्यक्ति चार पहिया वाहन से आया था और बताया कि मैं डीसीएम मालिक हूँ बिना जांचे परखे कबाड़ी ने 55 हजार रुपए में डीसीएम का सौदा कर वहीं कबाड़ी द्वारा मीडिया कर्मियों को बताया गया कि गदागंज पुलिस के द्वारा बताया गया कि गाड़ी ले लो कोई दिक्कत नहीं है उस डीसीएम का कबाड़ी द्वारा इंजन चेचिस पहिया सब खोल लिया गया है सिर्फ मौके पर वाहन की बाडी पड़ी हुई है अगर इसी तरह कबाड़ियों के हौसले बुलंद रहे तो क्षेत्र में चोरी का खतरा और बढ़ेगा क्योंकि जब सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का इसलिए कबाड़ियों के हौसले बुलंद हैं अब देखना यह है कि उच्च अधिकारियों द्वारा इस पर क्या कार्यवाही की जाती है या इसको नजर अंदाज कर दिया जाता है या फिर क्षेत्र में इसी तरह वाहन कालाबाजारी चलती रहेगी और कबाड़ी इसी तरह चोरियो की गाड़ी काटते रहेंगे और सरकार को पलीता लगाते रहेंगे l










