
CRS Agency(लखनऊ)। रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना को जब आप सुनेंगे तो आपका गला सूख जाएगा। बदले की आग में जल रहे एक युवक ने अपने 4 साल के चचेरे भाई को मौत के घाट उतार दिया। उस मासूम को यह भी नहीं पता था कि उसका भाई उसके खून का प्यासा है। पहले आरोपी ने मासूम की हत्या की बाद में उसके शव को गंगा में बहा दिया। घटना है राजधानी लखनऊ की जहां चिनहट के एक युवक पर अपने चार साल के मासूम चचेरे भाई की हत्या का आरोप लगा है। आरोपी युवक ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि उसने भाई को पहले गला दबाकर मारा और फिर शव को छिपाने के लिए उसे गंगा में बहा दिया।
विस्तार से जानिए क्या है पूरी घटना-
जानकारी के अनुसार लखनऊ के थाना चिनहट के रहने वाले धर्मेंद्र पांडे मार्केटिंग इंस्पेक्टर हैं। वह अपनी पत्नी, बेटे आरोपी युवक मतलब अपने भतीजे अमित के साथ सनातन कॉलोनी में रहते हैं। आरोपी अमित अपने चचेरे भाई राम को अपने साथ बाजार ले गया था। चाची के मना करने के बावजूद भी आरोपी अमित बच्चे को लेकर घर से निकला गया। दोनों काफी देर के बाद भी जब घर नहीं लौटे तो चिंता हुई, जब आरोपी अमित को फ़ोन लगाया गया तो उसका मोबाइल बंद जा रहा था। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
घटना के दूसरे दिन आरोपी अमित तो लौट आया लेकिन चचेरा भाई राम नहीं साथ आया। जब पुलिस को शक हुआ तो आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की गयी। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में क्या कबूला, जानिए-
घटना के आरोपी अमित ने पुलिस को बताया कि उसने अपना बदला ले लिया है और उसे कोई अफसोस नहीं है। बदले की आग में जल रहे अमित ने बताया कि उसके पिता चार भाई हैं और जॉइंट फैमिली है। सारी ज़िम्मेदारी उसके पिता पर है और उसकी तीन बहनें हैं, जिनकी शादी की उम्र हो गई है। उसके पिता को चाचा और ताऊ ने नौकरी नहीं करने दी। दोनों ने वादा किया कि तुम्हारे लड़के की पढ़ाई और लड़कियों की शादी हम लोग करा देंगे। मगर बाद में दोनों अपनी बात से मुकर गए।
इस बात से नाराज़ अमित ने जब अपने चाचा धीरेंद्र पांडे ई कोचिंग की फीस भरने के लिए पचास हज़ार की मांग की तो उन्होंने मना कर दिया। इसी के बाद से अमित बदला लेने की सोचने लगा। मौका देखते ही उसने घटना को अंजाम दे डाला।
पुलिस पूछताछ में अमित ने पहले वह बाइक सवार से लिफ्ट लेकर कुछ दूर कंचा तिराहे पर गया। फिर वहां से ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचा। जहां उसने प्राइवेट बस पकड़ी और कानपुर गंगा नदी के किनारे उतर गया। गंगा को क्रॉस कर उन्नाव की तरफ आया। अमित ने बताया कि जब सड़क सुनसान हो गई तो उसने गंगा के पुल पर ले जाकर गला दबा राम को मार डाला। फिर शव को छिपाने के लिए गंगा नदी में फेंक दिया।
पुलिस ने कुछ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी अमित को पकड़ा। लेकिन आरोपी अमित अपना बयान बार-बार बदल रहा है। कभी कहता कि बच्चे को मारकर गंगा में फेंक दिया है, कभी कहता कि हरिद्वार छोड़ आया हूं। फिलहाल पुलिस लखनऊ से लेकर कानपुर, हरिद्वार तक बच्चे के शरीरकी तलाश कर रही है। पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल बच्चे की तलाश की जा रही है।










