
CRS NEWS AGENCY उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में चाइनीज मांझे (सिंथेटिक मांझे) को लेकर एक बेहद सख्त कदम उठाया है। लखनऊ और जौनपुर में हुई दर्दनाक घटनाओं के बाद सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब इस जानलेवा धागे से किसी की जान जाने पर इसे ‘हत्या’ (मर्डर) की श्रेणी में रखा जाएगा।
लखनऊ | फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के कारण हो रहे जानलेवा हादसों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अब से प्रदेश में चाइनीज मांझे की वजह से होने वाली किसी भी मौत को ‘हत्या’ माना जाएगा और दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या से जुड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री की सख्त चेतावनी: अधिकारियों की जवाबदेही तय
हाल ही में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और अदालतों ने चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है, तो यह बाजारों में कैसे उपलब्ध है?
सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि:
सप्लाई चेन पर प्रहार: केवल फुटकर विक्रेताओं पर ही नहीं, बल्कि इस अवैध मांझे की सप्लाई करने वाले बड़े डीलरों और भंडारण करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाए जो मिसाल बने।
पुलिस की जवाबदेही: जिस क्षेत्र में प्रतिबंधित मांझा बिकता पाया जाएगा, वहां के संबंधित पुलिस अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।
प्रदेशव्यापी छापेमारी: पूरे प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस को विशेष अभियान चलाकर पतंग और मांझे की दुकानों पर सघन तलाशी के आदेश दिए गए हैं।
क्यों लेना पड़ा यह सख्त फैसला?
सरकार की इस सख्ती के पीछे हाल ही में हुई कुछ दिल दहला देने वाली घटनाएं हैं। 4 फरवरी को लखनऊ में बाइक से जा रहे एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) मोहम्मद शोएब की गर्दन चाइनीज मांझे की चपेट में आने से कट गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई। इसी तरह जौनपुर में भी एक डॉक्टर की जान इसी जानलेवा धागे ने ले ली थी। यूपी में पिछले एक साल में ऐसे करीब 8 बड़े मामले सामने आ चुके हैं।
जानलेवा क्यों है चाइनीज मांझा?
यह मांझा पारंपरिक सूती धागे से अलग नायलॉन या प्लास्टिक जैसे सिंथेटिक मटेरियल से बना होता है। इसे और अधिक धारदार बनाने के लिए इस पर कांच के बारीक टुकड़ों और लोहे के कणों का लेप चढ़ाया जाता है। यह इतना मजबूत होता है कि हाथ से खींचने पर नहीं टूटता, बल्कि इंसानी शरीर की नसों और हड्डियों तक को काट देता है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस को छापेमारी के साथ-साथ जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया है। सरकार ने अपील की है कि लोग पतंगबाजी के लिए केवल पारंपरिक सूती धागे (सद्दी) का ही उपयोग करें।
“चाइनीज मांझा बेचना और इस्तेमाल करना अब सिर्फ उल्लंघन नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” — सीएम योगी आदित्यनाथ










