दोपहर 12:00 बजे तक खंड विकास अधिकारी ,एपीओ मनरेगा एवं एडीओ पंचायत की खाली पड़ी कुर्सी
डलमऊ रायबरेली-
गांव के विकास का जिम्मा जिन अधिकारियों के कंधों पर है वह खुद ही नदारद रहते हैं फरियाद लेकर पहुंचे शिकायत कर्ताओं को मायूस होना पड़ता है किसी को मजदूरी नहीं मिल पा रही है तो कोई परिवार रजिस्टर की नकल के लिए भटक रहा है आखिर शिकायत करें तो किससे जब अधिकारी ही मौके पर नहीं है मामला विकासखंड डलमऊ का है सोमवार को तेरूखा गांव से आए लगभग एक दर्जन श्रमिकों ने बताया कि उन्होंने मनरेगा में मजदूरी की थी 4 माह बीत गए अभी तक उनको मजदूरी नहीं मिली ग्राम पंचायत सदस्य गुड्डू की माने तो ज्वाला नगर तालाब में मनरेगा द्वारा कार्य कराया जा रहा था जिसमें मात्र 15 श्रमिक ही काम कर रहे थे जबकि लगभग 60 फर्जी श्रमिकों के खाते में मजदूरी भेज दी गई है जबकि जो श्रमिक काम करने में थे उनको अभी तक मजदूरी नसीब नहीं हुई है दिव्यांग कमलेश ने बताया कि वह एक पैर से चलने में असमर्थ है लेकिन फिर भी पेट भरने के लिए उन्होंने मनरेगा में मजदूरी की लेकिन अभी तक मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है पेट पालना मुश्किल हो रहा है ग्राम पंचायत सदस्य गुड्डू के साथ लगभग एक दर्जन
श्रमिकों ने खंड विकास अधिकारी डलमऊ से अपनी फरियाद सुनाने के लिए आए थे लेकिन उन्हें मायूस होना पड़ा दोपहर 12:00 बजे तक खंड विकास अधिकारी एपीओ मनरेगा एवं एडीओ पंचायत की कुर्सियां खाली पड़ी रही फरियादी अपनी फरियाद के लिए इधर-उधर भटकते रहे श्रमिकों का आरोप है कि मनरेगा भुगतान में मनमानी की जा रही है जो श्रमिक काम करने के लिए नहीं आते हैं उनको लाभ पहुंचाने के लिए भुगतान किया जा रहा है जबकि जो श्रमिक मेहनत मजदूरी करते हैं उनको मजदूरी का पैसा नसीब नहीं हो रहा है श्रमिकों का आरोप है कि उन्होंने इसके पूर्व भी जिलाधिकारी से मामले की शिकायत की है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई वही ग्राम पंचायत डलमऊ के नाथ खेड़ा से लगभग आधा दर्जन महिलाओं ने बताया कि वह परिवार रजिस्टर की नकल के लिए पंचायत सचिव के चक्कर लगा रहे हैं अभी तक उन्हें नकल नहीं मिली है जबकि महिलाओं का आरोप है कि उनके गांव में तैनात पंचायत सहायक के द्वारा परिवार रजिस्टर की नकल बनाने के एवज में वसूली भी की जा रही है इस संबंध में कार्यवाहक खंड विकास अधिकारी जनार्दन सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान ना होने की जानकारी नहीं है अभी एपीओ से जांच करा कर श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान कराया जाएगा









