
बमुश्किल पुलिस ने किया खुलासा : घटना को अलग-अलग दिन दर्शाती रही पुलिस
मामा सहित चार अभियुक्त गिरफ्तार
रायबरेली। लकड़ी कटान के अवैध कारोबार और हिसाब किताब के बहाने बुलाकर भांजे को मौत के घाट उतारने वाले कलयुगी कातिल मामा सहित चार अभियुक्तियों को पुलिस ने बमुश्किल गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस पूरे मामले में लगातार पुलिस घटना को अलग-अलग दिन करार देने में जुटी रही। जबकि घटना 3 फरवरी की है लेकिन पुलिस ने इस मामले को तीन दिन बाद दर्ज किया ऐसा भी हो सकता है कि परिजनों द्वारा तहरीर देर में दी गई हो लेकिन पुलिस का बयान घटना के 3 दिन बाद और आज खुलासे के दौरान हत्या का दिन 8 फरवरी बताया गया है जबकि इस बयान को लेकर पुलिस खेद प्रकट कर रही है। बताते चलें कि बुधवार को अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने जिला मुख्यालय स्थित किरण बहुउद्देशीय हाल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान खुलासा करते हुए बताया कि गुरबक्श गंज थाना क्षेत्र के एक जंगल के निकट घायल अवस्था में मिले अभय सिंह पुत्र अजय सिंह सुहाई बाग थाना हरचंदपुर की उपचार के दौरान मौत हो गई थी जिसके उपरांत मृतक के परिजनों द्वारा हत्या का आरोप लगाते हुए मृतक के मामा राज कुमार सहित चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया गया था जिसमें मामा राजकुमार सहित चारों नामित हत्या आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। हालांकि अपर एसपी ने हत्या की वजह कोई खास नहीं बताई उन्होंने मीडिया को बताया कि लेन-देन को लेकर मारपीट हुई थी और कुछ लोग शराब के नशे में थे जिसकी वजह से मृतक के साथ मारपीट की गई थी और उपचार के दौरान अभय सिंह की मौत हो गई। इस हत्या के मामले में पुलिस ने नामजद आरोपित शशांक सिंह पुत्र गिरीश सिंह निवासी बल्दूपुर थाना हरचंदपुर व राज कुमार सिंह उर्फ धीरेंद्र सिंह पुत्र राघवेंद्र सिंह निवासी चकसुण्डा थाना हरचंदपुर अभिषेक सिंह उर्फ दीपक सिंह पुत्र श्रीनाथ सिंह निवासी बड़ापुरा थाना हरचंदपुर कमलाकांत उर्फ मोनू सिंह पुत्र रमाकांत सिंह निवासी मलिकमऊ चौबारा थाना गुरबक्शगंज को सलाखों के पैसे भेज दिया है।
भट्ठा संचालक पर षड्यंत्र का लगाया आरोप
रायबरेली। अभय सिंह हत्याकांड को लेकर जहां पुलिस ने चारों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है वहीं मृतक के परिजनों व समर्थकों ने शहर के डिग्री कॉलेज पर कैडिंल मार्च निकाला और परिजनों ने एक भट्ठा संचालक पर षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है। मृतक परिजनों के मुताबिक भट्ठा संचालक की षड्यंत्र व सोची समझी रणनीति के तहत अभय सिंह की हत्या की गई है जिसमें भट्ठा संचालक को भी दोषी करार दिया है।
हत्या नहीं एक्सीडेंट है
रायबरेली। अभय सिंह की हत्या में शामिल मामा राज कुमार सहित अन्य आरोपियों को निर्दोष बताते हुए आरोपित मामा राजकुमार के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक दफ्तर पहुंचकर सभी को निर्दोष करार दिया है। पुलिस अधीक्षक के नाम संबोधित शिकायती पत्र में बताया गया है कि अभय सिंह एक्सीडेंट का शिकार हुआ है जिस व्यक्ति ने उसका एक्सीडेंट किया है वह आज भी घटना को कबूल कर रहा है लेकिन उसकी कोई नहीं सुनी जा रही है। आरोपित मामा के परिजनों ने निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।










