
CRS AGENCY। बिजली विभाग के अधिकारी 24 घंटे बिजली देने का दावा करते हैं। जबकि हकीकत ये है कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों के भी फोन नहीं उठाते हैं। शनिवार को जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की विकास भवन में हुई बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री आवास कौशल किशोर के सामने जनप्रतिनिधियों ने ये मुद्दा उठाया। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जब फोन ही नहीं उठेगा तो शिकायत का निस्तारण कैसे होगा।
माल सीएचसी की बिजली कटे होने की शिकायत भी हुई। इस पर सांसद ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर बिजली अधिकारियों के लापरवाह रवैये की शिकायत करने की बात कही। वहीं विभाग के अधिकारियों को प्राथमिकता पर निस्तारण के लिए कहा गया है। बैठक में तय हुआ कि नगर निगम सीमा में शामिल हुए 88 गांवों में भी अब प्रधानमंत्री आवास बनाए जाएंगे। यहां रैपिड सर्वे करा प्रधानमंत्री आवास शहरी योजना का लाभ भी लोगों को दिया जाएगा। बताया गया कि सेफ सिटी प्रोजेक्ट से पूरे शहर में 1000 और कैमरे लगाए जा रहे हैं। साथ ही 4000 प्राइवेट कैमरों को भी सेफ सिटी कंट्रोल रूम में इंटीग्रेट किया जा रहा है। इससे पूरे शहर की मॉनिटरिंग सेफ सिटी कंट्रोल रूम के द्वारा की जा सकेगी।
विधायक बीकेटी योगेश शुक्ला ने शिकायत की कि सौभाग्य योजना में बिजली कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं। किसानों के ट्यूबवेल के विद्युत बिल माफी का फायदा नहीं मिल पा रहा है। डीएम ने लेसा के अधिकारियों को जांच के लिए कहा है। बिना सक्षम स्तर आदेश के बिजली मीटर भी नहीं उखाड़े जाएंगे। बांस बल्ली पर कोई कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। विभूतिखंड में सीवर लाइन में बिजली लाइन लेसा ने डाल दी है। इसे हटवाने के लिए डीएम ने लेसा को कहा है।










