
ऊँचाहार,रायबरेली। तहसीलदार की कार्यशैली से नाराज तहसील बार के अधिवक्ताओं द्वारा लगातार पांचवे दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा। इस बीच मुकदमों की सुनवाई की आस लगाए तहसील कोर्ट में आए सैकड़ों की संख्या में फरियादी व वादकारियों को मायूस होकर बेरंग ही वापस लौटना पड़ा।
गत वृहस्पतिवार को तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चंद्र की अगुवाई में तहसील के सभी अधिवक्ताओं द्वारा तहसीलदार पर भ्रष्टाचार अनियमितता तथा शोषण का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने के बाद तहसीलदार कक्ष के सामने धरने पर बैठ गए थे।वहीं शनिवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व को अधिवक्ताओं ने मामले से सम्बंधित ज्ञापन भी सौंपा था लेकिन नतीजा शून्य रहा, अधिवक्ताओं का धरना प्रदर्शन मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। इस बीच न्याय की आस लगाए पट्टी रहस कैथवल गांव निवासी संजय सिंह, शहजाद पुर गांव के छिटई प्रसाद, भटपुरवा गांव निवासी विमल चंद, आकोढ़िया गांव के सुशील कुमार ऊंचाहार कस्बा निवासी प्रेमलता, शिव मूर्ति, मसूता बेगम पूरे बेनऊ गांव के राम नरेश मिश्र, राम सांडा गांव के चंद्रपाल मौर्य ने बताया कि तहसीलदार और वकीलों के विवाद के बीच उन्हें न्याय मिल पाने में समय लग रहा है। सभी ने बताया कि तारीख पेशी पर आए थे। लेकिन वकीलों की हड़ताल होने के चलते मुकदमे की बिना सुनवाई हुए ही वापस लौटना पड़ रहा है।
इस बाबत अधिवक्ता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चंद्र उपाध्याय, दिनेश चंद्र त्रिपाठी, शिवजी पांडे, चंद्र किशोर शुक्ल, राज नारायन मिश्र, शशीकांत, जय बहादुर मौर्य, शिव गोपाल सिंह, चंद्रमणि त्रिपाठी, श्यामसुंदर भारती, सूर्यकांत शुक्ल आदि ने बताया कि भ्रष्टाचारी तहसीलदार के स्थानांतरण के लिए मुख्यमंत्री, अध्यक्ष राजस्व परिषद से लेकर जिला अधिकारी तक को ज्ञापन भेजा गया है। तहसीलदार के स्थानांतरण तक अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन चालू रहेगा।










