प्रीपैट स्मार्ट मीटर, मतलब स्मार्ट महंगाई, नही होगी बिजली, कैसे मिले सप्लाई!
CRS इमरान साग़र-बिजली चोरी रोकने के प्रयास में विद्युत विभाग उपभोगताओं पर प्रीपैट स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव बनाने लगा! टेंडरवेज़ पर लगवाए जा रहे विद्युत मीटर लगाने वाले एक फिर विद्युत उपभोगताओं की जेब पर अतिरिक्त सेवाशुल्क का भार डाल कर विद्युत विभाग का भला करें न करें लेकिन अपना भला जरुर कर लेगें!
प्रीपैट स्मार्ट मीटर मतलब, रिचार्जेवल बिजली! यानि जितने का रिचार्ज कराओंगे उतनी ही बिजली पाओगे ठीक मोबाईलन नम्बर रिचार्ज की तरह साथ ही यह भी चालू होगा कि मोबाईल रिचार्ज के बाद यदि माह में कुल 15 दिन नेटवर्क नही मिला तो बिना काल बात किए पैसा खत्म!
क्या बिजली के लगने वाले इस नये मीटर में ऐसा नही होगा कि रिचार्ज के बाद बिजली स्टॉक नही तो जो रिजार्च का पैसा जमा होगा वो खत्म नही होगा! हालांकि बिजली चोरी रोकने का यह एक सफल प्रयास हो सकता है परन्तु जब अभी वर्तमान में ही उपभोगताओं समय से विद्युत सप्लाई नही मिल पा रही है तो स्मार्टनेस करने के बाद की क्या गारेंटी होगी नही पता!
माना जाता है कि विद्युत विभाग की इस नई तकनीत से भले ही सारे विभाग की दिन दूनी रात चौगनी तरक्की होने लगे परन्तु इससे विद्युत उपभोगताओं कोई फायदा होने वाला नही क्यूंकि यदि बिजली का स्टॉक प्रयाप्त है तो फिर विभाग को बिजली सप्लाई 24 घंटे में कमसे कम 20 घंटे तो देनी चाहिए बिना किसी कटौती के!
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