
CRS NEWS रायबरेली – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए रायबरेली के लालगंज स्थित एमसीएफ फोर्ज्ड व्हील प्लांट अब पूरी तरह से उत्पादन में जुट चुका है। लालगंज में आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना के अंतर्गत कांग्रेस की तत्कालीन सांसद सोनिया गांधी ने 8 अक्तूबर 2013 को रेल पहिया कारखाना का शिलान्यास किया था। इस परियोजना के तहत दावा किया गया था कि 2017-18 से हर साल एक लाख रेल पहियों का उत्पादन होगा, और इसके लिए जर्मन तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
हालांकि, शुरुआती आठ वर्षों में उत्पादन लक्ष्य से बहुत पीछे रहा और केवल 75 पहिये ही बनाए जा सके। 50 एकड़ में बने इस कारखाने के निर्माण के लिए 1683 करोड़ रुपये की राशि आंवटित की गई थी, लेकिन उत्पादन में अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।
1 अप्रैल 2024 को भारतीय रेलवे ने इस फोर्ज्ड व्हील प्लांट का अधिग्रहण किया। आरेडिका के महाप्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्रा ने बताया कि यह अधिग्रहण आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि इससे पहले देश में फोर्ज्ड व्हील की आवश्यकता होने पर इन्हें चीन, रूस और अन्य यूरोपीय देशों से आयात करना पड़ता था। अब इस प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी भारतीय रेलवे की एमसीएफ को सौंपी गई है।
प्रशांत मिश्रा ने बताया कि भारतीय रेलवे और एमसीएफ ने मिलकर इस प्लांट के लिए एक एक्शन प्लान तैयार किया, जिसमें तकनीकी उन्नति, मेंटेनेंस और उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया गया। यह अत्याधुनिक और पूरी तरह से ऑटोमेटिक प्लांट है, जो विश्व स्तर पर चुनिंदा फुली ऑटोमेटिक प्लांट्स में से एक है।
बीते छह महीनों में प्रोडक्शन बढ़ाने के प्रयास सफल रहे हैं, और 2023-24 के मुकाबले 75% से अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सका है। मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष 35,000 से अधिक रेल फोर्ज्ड व्हील का उत्पादन करने का लक्ष्य है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल को भी सशक्त बनाता है।
प्लांट के संचालन से 500 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है, जिनमें टेक्नीशियन, इंजीनियर और भारतीय सेना के रिटायर्ड टेक्नीशियन शामिल हैं। मिश्रा ने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में यह प्लांट अपनी गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता के बल पर विश्व स्तर पर एक अलग पहचान बनाएगा।










