
विश्व दिव्यंगता दिवस प्राथमिक विद्यालय धरई में दिव्यांग शिक्षामित्र रिजवाना बानो को किया सम्मानित
सलोन रायबरेली ।विश्व दिव्यंगता दिवस के अवसर पर प्राथमिक विद्यालय धरई पहुंचकर न्यूट्रीशियन क्लब सलोंन के सेवानिवृत शिक्षक मोहम्मद इस्माईल खान ने वहां पर तैनात दिव्यांग शिक्षामित्र रिजवाना बानो को किया सम्मानित और कहा की आज विश्व दिव्यंगता दिवस के अवसर पर हमें चाहिए कि हम समाज में दिव्यांग लोगों को भी समान तरीके से देखें। आगे कहा कि दिव्यंगता अभिशाप नहीं वरन एक चुनौती है। इस अवसर पर कक्षा तीन में गतिविधि के माध्यम से रिजवाना बानो ने एक आदर्श पाठ का भी प्रस्तुतीकरण किया एवं श्यामपट पर अपने दिव्यांग हाथों से सुंदर लेखन एवं अच्छी आकृति बना कर संघर्ष करने का आह्वान किया । दिव्यंगता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में रिजवाना बानो ने अपने कड़े शैक्षिक संघर्ष की कहानी साझा करते हुए बताया कि हमने दिव्यंगता को अभिशाप नहीं वरन एक चुनौती समझ कर स्वीकार किया। बचपन में कलाई पर से दोनों हाथ न होने के बावजूद कड़े संघर्ष से हमने पढ़ाई जारी रखी ।इसमें हमारे माता-पिता का विशेष सहयोग रहा। हाई स्कूल इंटर बी ए दूरस्थ बीटीसी सीटेट करने के बाद इसी प्राथमिक विद्यालय में जहां हमने आरंभिक पढ़ाई की थी 2005 में शिक्षामित्र के पद पर तैनाती मिली और वहीं पर कड़ी मेहनत से शिक्षण कार्य कर रही हूं ।इस अवसर पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मोहम्मद कासिम हुनर सहित विद्यालय स्टाफ ने प्रतीक चिन्ह देकर उनका सम्मान किया। राजेश्वरी सिंह, शिव बालक सरोज, सर्वेश कुमार मिश्र, अरविंद सिंह आदि शिक्षकों ने उनके कार्य की सराहना की। अभिभावक फूल कली, चंद्रकली, प्रेमलता, फूलमती ,गुड्डी देवी, फूला देवी, आदि ने कहा कि विद्यालय की शिक्षा मित्र रिजवाना बानो का कार्य हम सब के लिए अनुकरणीय है।










