
CRS NEWS: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर लालकिले से अपने संबोधन में ‘नेक्स्ट-जनरेशन GST सुधार’ की घोषणा की थी। इसी क्रम में जीएसटी काउंसिल ने शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण फैसले लिए, जिनसे आम जनता को सीधा फायदा मिलेगा और छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार ने इस सुधार को देशवासियों के लिए “ऐतिहासिक दिवाली गिफ्ट” बताया है।
अब आम लोगों की जेब पर बोझ होगा कम।
हेयर ऑयल, शैम्पू, साबुन, टूथपेस्ट, ब्रश और शेविंग क्रीम पर टैक्स 18% से घटकर 5%।
घी, मक्खन, चीज़, नमकीन और भुजिया जैसे पैक्ड फूड आइटम्स पर टैक्स 12% से घटकर 5%।
बर्तन, बच्चों की फीडिंग बॉटल, नैपकिन और सिलाई मशीन के पुर्जों पर भी अब सिर्फ 5% टैक्स लगेगा।
किसानों और कृषि क्षेत्र को बड़ा फायदा
ट्रैक्टर, टायर और उनके पार्ट्स पर टैक्स 18% से घटकर 5%।
कीटनाशक, माइक्रो-न्यूट्रिएंट्स और ड्रिप इरिगेशन सिस्टम पर टैक्स 12% से घटकर 5%।
खेतों में उपयोग होने वाली मशीनें भी अब सस्ती होंगी।
हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर अब कोई जीएसटी नहीं लगेगा (पहले 18%)।
थर्मामीटर, मेडिकल ऑक्सीजन, सभी प्रकार के डायग्नोस्टिक टेस्ट किट, ग्लूकोमीटर, टेस्ट स्ट्रिप्स और चश्मों पर टैक्स 12% से घटकर 5%।
मैप्स, चार्ट्स, ग्लोब, पेंसिल, शार्पनर, क्रेयॉन्स, कॉपी, नोटबुक और रबर जैसी चीज़ों पर अब कोई जीएसटी नहीं।
इसका सीधा फायदा छात्रों और अभिभावकों को मिलेगा।
पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से चलने वाली छोटी कारों पर टैक्स 28% से घटकर 18%।
तीन पहिया वाहन और 350 सीसी तक की मोटरसाइकिल पर भी टैक्स सिर्फ 18%।
माल ढुलाई वाले ट्रक और अन्य वाहन अब कम टैक्स पर उपलब्ध होंगे।
एयर कंडीशनर, 32 इंच से बड़े टीवी (एलईडी व एलसीडी), मॉनिटर, प्रोजेक्टर और डिशवॉशिंग मशीन पर टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
अब 3 दिनों में ऑटोमेटिक जीएसटी रजिस्ट्रेशन मिलेगा।
टैक्स रिफंड की प्रक्रिया तेज़ होगी और पैसा फंसेगा नहीं।
जीरो-रेटेड सप्लाई और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को सरल बनाया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “जीएसटी सुधारों की यह नई पीढ़ी हर भारतीय के लिए तोहफा है। रोजमर्रा की चीज़ें सस्ती होंगी, छोटे उद्योगों और किसानों को राहत मिलेगी और इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।” Next-Gen GST सुधार से जनता को रोजमर्रा के सामान से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, परिवहन और इलेक्ट्रॉनिक्स तक हर क्षेत्र में राहत मिलेगी। इससे जहां आम नागरिकों की जिंदगी आसान होगी, वहीं कारोबारियों और किसानों की आय में भी इजाफा होगा।








