
गदागंज-दीन शाह गौरा मार्ग की दुर्दशा पर प्रशासन मौन: क्या हादसे का इंतजार कर रहे हैं अधिकारी?
ऊंचाहार (रायबरेली), 18 अक्टूबर 2025
ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र में आने वाला गदागंज चौराहा से दीन शाह गौरा तक का प्रमुख मार्ग बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है। यह मार्ग अब सड़क कम और गड्ढों की श्रृंखला अधिक प्रतीत होता है। ओवरलोड डंपरों और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही ने इस सड़क की रीढ़ तोड़ दी है। हालत यह है कि सामान्य चलना-फिरना भी अब जोखिमभरा हो गया है।
इस मार्ग से रोजाना हज़ारों लोग, जिनमें स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुज़ुर्ग और कार्यस्थलों की ओर जाने वाले कर्मचारी शामिल हैं, आवागमन करते हैं। क्षेत्रीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), ब्लॉक कार्यालय, और शिक्षण संस्थानों तक पहुँचने का यह मुख्य मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुका है।
गड्ढों में सड़क, हादसों की खुली दावत
बारिश के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे उनकी गहराई का अंदाज़ा नहीं लग पाता। नतीजा—दोपहिया वाहन चालकों की दुर्घटनाएं अब आम हो चुकी हैं। पिछले कुछ सप्ताहों में कई लोग चोटिल हो चुके हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर शीघ्र मरम्मत नहीं की गई, तो कोई बड़ी दुर्घटना होना तय है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधि बेखबर या लापरवाह?
स्थानीय निवासियों ने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस क्षेत्र से सांसद श्री राहुल गांधी और विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडेय हैं, बावजूद इसके सड़क की दुर्दशा जस की तस बनी हुई है।
प्रश्न उठता है कि जब चिकित्सालय और शैक्षिक संस्थानों से जुड़ा मार्ग इतनी बुरी स्थिति में हो, और उसके सुधार को लेकर भी प्रशासन उदासीन बना रहे, तो आमजन की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
स्थानीय आवाज़ें उठने लगीं तेज
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि, “प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। क्या किसी बड़ी घटना के बाद ही सड़क की मरम्मत की जाएगी?”
👉 सवाल उठता है कि जब जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी अधिकारी और जनप्रतिनिधि चुप हैं, तो फिर जवाबदेही किससे तय की जाएगी?
👉 क्या प्रशासन को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार है, ताकि उसके बाद फाइलें खिसकाई जा सकें?










