
CRS NEWS सोशल मीडिया पर एक भ्रामक प्रचार ये चलाया जा रहा है कि औवेसी साहब की एक तकरीर ने जिसमें “18% मुसलमान सिर्फ दरी बिछायेंगे” ने 82% हिंदुओं को एकजुट कर दिया और नतीजा ये हुआ कि बिहार में एकतरफा चुनाव हो गया जबकि हकीकत कुछ और है।
औवेसी साहब ने बार बार गठबंधन की बात की जिसे सेकुलर दलों ने ये सच कर ठुकरा दिया कि जो हमारा परंपरागत मुस्लिम वोट बैंक हैं कहीं वो सदा के लिए ए आई एम आई एम का न हो जाए।
दूसरा ये सोचा गया कि जो हिंदु हमारा वोटर है कहीं वो इसलिए न दूर हो जाए कि औवेसी केवल मुस्लिम मुद्दों की बात करते हैं।
तीसरा अगर औवेसी से गठबंधन किया तो मुस्लिम राजनीतिक तौर पर सशक्त हो जायेगा और आगे चलकर संख्या के बल पर मुख्यमंत्री पद पर भी दावा कर सकता है।
गठबंधन नही हुआ और न ही हिंदु एकजुट हुआ बल्कि बिहार की जनता ने दिल खोलकर राजद को वोट किया जो 23% है और जदयू व भाजपा से ज्यादा है लेकिन तेजस्वी जी की अपरिपक्वता और कम राजनीतिक समझ के चलते NDA ऐतिहासिक बहुमत में आ गयी लेकिन इस बीच औवेसी साहब 5 विधायकों के साथ मुस्लिम राजनीतिक सशक्तिकरण अभियान में सफल रहे।
और सेकुलर दल अपनी कमजोरियों पर आत्मचिंतन के बजाए दोषारोपण में व्यस्त हैं जिससे इनके वजूद को खतरा और भी बढ गया है और अब जनता इनको भाजपा को हराने के विकल्प के रूप में नही देखती।
सय्यद ताजदार नक़वी
प्रदेश सचिव (युवा)
जिलाध्यक्ष रायबरेली
ए आई एम आई एम










