
CRS NEWS रायबरेली: बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की समस्या कम करने के बजाय बढ़ाते नजर आ रहे हैं। जिले में स्मार्ट मीटर लगने के बाद हजारों उपभोक्ताओं को समय पर बिजली बिल नहीं मिल पा रहा है। हालत यह है कि कई उपभोक्ता तीन से पांच महीने से बिल का इंतजार कर रहे हैं, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
बिजली विभाग ने पुराने मीटरों को हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने का दावा किया था कि इससे गलत बिल, अधिक बिल और अन्य तकनीकी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। कार्यदायी संस्था द्वारा मीटर बदले जाने के बाद बिलिंग सिस्टम अपडेट न होने से उपभोक्ता विभागीय कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
केस–1:
शहर के सोनिया नगर निवासी सत्य प्रकाश के घर अगस्त माह में पुराना मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगाया गया। सितंबर में बिल न आने पर उन्होंने विभाग में शिकायत की, लेकिन कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक बिल नहीं मिल सका।
केस–2:
जवाहर विहार कॉलोनी निवासी सीमा वाजपेयी के घर भी अगस्त में स्मार्ट मीटर लगाया गया था। चार महीने बीत जाने के बाद भी बिल नहीं मिला। उपभोक्ता के अनुसार, कई बार कार्यालय जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
केस–3:
जवाहर विहार निवासी मोहन प्रसाद के यहां सितंबर में मीटर बदला गया। परिजनों का कहना है कि एसडीओ से लेकर उच्चाधिकारियों तक शिकायत की गई, लेकिन अब तक बिल नहीं बन सका।
केस–4:
बछरावां कस्बा निवासी प्रज्ञा देवी के यहां अक्टूबर में स्मार्ट मीटर लगाया गया। ढाई महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक बिजली बिल नहीं बना। उपभोक्ताओं का कहना है कि लंबे समय बाद बिल आने पर एकमुश्त बड़ी रकम चुकाना मुश्किल होगा।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि कार्यदायी संस्था की लापरवाही और विभागीय समन्वय की कमी के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है। लोग समय पर बिल न मिलने से मानसिक तनाव में हैं और भविष्य में भारी बिल आने की आशंका से चिंतित हैं।
इस संबंध में मुख्य अभियंता रामकुमार ने बताया कि सभी पुराने मीटरों को समय पर जमा कर ऑनलाइन दर्ज कराने और उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। जहां भी समस्या सामने आ रही है, उसका शीघ्र समाधान कराया जाएगा।










