
CRS NEWS : जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में लंबी राजनीतिक पारी के बाद वरिष्ठ नेता केसी त्यागी अब नया सियासी ठिकाना तलाशते नजर आ रहे हैं। संकेत मिल रहे हैं कि वह राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) में शामिल हो सकते हैं। रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने स्वयं इसके संकेत दिए हैं।
चौधरी चरण सिंह पर केसी त्यागी द्वारा लिखी गई पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम के दौरान जयंत चौधरी ने त्यागी को “चौधरी साहब का सच्चा शिष्य” बताते हुए कहा कि, “मैं त्यागी जी को मनाने आया हूं।” जयंत का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब जदयू में केसी त्यागी का अध्याय लगभग समाप्त माना जा रहा है।गौरतलब है कि एक सितंबर 2024 को केसी त्यागी को जदयू के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से हटा दिया गया था। इसके बाद वह पार्टी में हाशिए पर चले गए। हाल ही में उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था, जिसके बाद जदयू ने उनसे पूरी तरह दूरी बना ली। हालांकि पार्टी ने उनकी लंबी राजनीतिक यात्रा और अनुभव का सम्मान करते हुए उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि केसी त्यागी के रालोद में शामिल होने से पार्टी को पश्चिम उत्तर प्रदेश में विशेष लाभ मिल सकता है। क्षेत्र के कई जिलों में त्यागी मतदाताओं की प्रभावी उपस्थिति है। ऐसे में जयंत चौधरी उन्हें साथ जोड़कर न केवल पार्टी को वैचारिक मजबूती देंगे, बल्कि जातीय समीकरण भी साधने की कोशिश करेंगे। माना यह भी जा रहा है कि इस बहाने केसी त्यागी अपने बेटे के लिए भी राजनीतिक जमीन तैयार कर सकते हैं।
चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक नर्सरी से निकले केसी त्यागी का सियासी अनुभव लंबा रहा है। वह 1989 से 1991 तक जनता दल के टिकट पर हापुड़ से सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा वह पांच बार लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं और 2013 से 2016 तक बिहार से राज्यसभा सदस्य भी रहे हैं। हालांकि पश्चिम उत्तर प्रदेश में उन्हें बड़ी चुनावी सफलता नहीं मिली, लेकिन क्षेत्र में उनका राजनीतिक संपर्क और प्रभाव बना रहा है।
अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में केसी त्यागी औपचारिक रूप से रालोद का दामन थामते हैं या नहीं, लेकिन मौजूदा संकेतों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल जरूर बढ़ा दी है।









