
CRS NEWS : लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए ‘टॉप अचीवर’ का दर्जा प्राप्त किया है। राज्य सरकार के व्यापक संरचनात्मक और नियामक सुधारों के चलते उत्तर प्रदेश अब “बॉटलनेक” से निकलकर “ब्रेकथ्रू” राज्य बन चुका है।
पिछले साढ़े आठ वर्षों में योगी सरकार ने प्रशासनिक बाधाओं, जटिल प्रक्रियाओं और पुरानी अनुमतियों की व्यवस्था को बदलते हुए निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार किया है। ‘निवेश मित्र’ पोर्टल के माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया, जिससे निवेशकों को त्वरित और पारदर्शी मंजूरी मिल रही है। इस दौरान 4,675 अनुपालनों को कम किया गया और 948 पुराने अधिनियमों को निरस्त किया गया। केंद्र सरकार ने भी उत्तर प्रदेश के डी-रेगुलेशन प्रयासों की सराहना की है।
“मिनिमम गवर्नमेंट–मैक्सिमम गवर्नेंस” के सिद्धांत को धरातल पर उतारते हुए नीतियों, प्रक्रियाओं और डिजिटल प्रणालियों का एकीकृत ढांचा विकसित किया गया। इससे उद्योगों, निवेशकों और आम नागरिकों—तीनों को सीधा लाभ मिला है। विभागों के चक्कर लगाने की परंपरा टूटी, त्वरित निर्णय प्रणाली बनी और शासन में पारदर्शिता बढ़ी।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में छलांग
उत्तर प्रदेश ने 2017-18 में 12वें स्थान से आगे बढ़ते हुए 2019 में दूसरा स्थान हासिल किया। वर्ष 2022 और 2024 में राज्य को ‘टॉप अचीवर’ का दर्जा मिला। लॉजिस्टिक्स रैंकिंग में भी राज्य लगातार ‘अचीवर्स’ की श्रेणी में रहा। गुड गवर्नेंस इंडेक्स 2021 में वाणिज्य एवं उद्योग श्रेणी में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर रहा। सरलीकरण और भूमि प्रशासन में भी राज्य को ‘टॉप अचीवर’ घोषित किया गया।
राज्य सरकार के अनुसार, सुधारों का यह दौर अब नीति निर्माण से आगे बढ़कर तेज क्रियान्वयन और ठोस परिणाम देने के चरण में पहुंच चुका है। आने वाले समय में परियोजनाओं की निगरानी और सख्त होगी, निवेशकों को द्रुत सुविधाएं मिलेंगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
योगी सरकार ने बाधाओं को अवसर में बदलते हुए यह साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश अब वास्तव में “बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू” राज्य बन चुका है और अगला लक्ष्य इसे वैश्विक निवेश एवं विकास के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करना है।








