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CRS NEWS: दिल्ली में आयोजित ‘मनरेगा बचाओ मोर्चा’ के मंच से कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा को कमजोर करना केवल गरीबों और मजदूरों पर प्रहार नहीं है, बल्कि यह महात्मा गांधी की स्मृति, ग्राम स्वराज की अवधारणा और संविधान प्रदत्त अधिकारों पर सीधा हमला है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी सरकार ने महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी योजना को खत्म करने या उससे उनका नाम हटाने की कोशिश की है, जिसे देश कभी स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार मनरेगा को जानबूझकर कमजोर कर रही है, ताकि गरीब और वंचित वर्ग को मजबूरन बंधुआ मजदूरी की ओर धकेला जा सके और उन्हें अमीरों के रहमोकरम पर छोड़ दिया जाए।
श्री खड़गे ने कहा कि मनरेगा के तहत मिलने वाली 100 दिन की कानूनी रोजगार गारंटी को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है। आधार, डिजिटल अटेंडेंस और तकनीकी बाधाओं के नाम पर लाखों मजदूरों को इस योजना से बाहर कर दिया गया है। यह देश की सबसे बड़ी रोजगार योजना को समाप्त करने की साजिश है।
उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस के नेतृत्व में आर्टिकल 41 की भावना के अनुरूप जनता को काम का अधिकार, भोजन का अधिकार, शिक्षा का अधिकार और सूचना का अधिकार मिला। अगर आज आम जनता चुप रही, तो आने वाले समय में उसके ये संवैधानिक अधिकार भी छीन लिए जाएंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जनता ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज़ नहीं उठाई, तो एक दिन ऐसा दौर आ सकता है जब सिर्फ पैसे, जमीन और बड़ी डिग्रियों वालों को ही अधिकार मिलेंगे, जबकि मेहनतकश और गरीब तबका हाशिये पर धकेल दिया जाएगा।
अंत में उन्होंने आह्वान किया कि ‘मनरेगा बचाओ मोर्चा’ केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि मेहनतकश भारत के साथ खड़े होने का संकल्प है। कांग्रेस पार्टी देशभर में मनरेगा और काम के अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी










