
CRS/लखनऊ| राजधानी लखनऊ में पुलिस की निगरानी से केजीएमयू स्थित ट्रामा सेंटर से ईरानी गैंग के सदस्य दो शातिर बदमाश फरार हो गये। पैर में गोली लगी होने के बाद भी दोनों शातिर इरफान और इंजमाम भागने में सफल रहे। दोनों बदमाशों के फरार होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फरार इरफान और इंजमाम को हाल ही में रायबरेली पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। दोनों ही शातिर किस्म के अपराधी मुठभेड़ में घायल हो गए थे, जिन्हें इलाज कराने के लिए लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर लाया गया था। पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए दोनों बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमों को लगाया गया है। फरार हुए दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है, जिसके कारण उन्हें प्लास्टर भी चढ़ा हुआ है। इसलिए पुलिस का अनुमान है कि वह बहुत अधिक दूर नहीं जा सकते हैं।
दारोगा समेत सात पुलिसकर्मियों को अभिरक्षा में थे ईरानी गैंग के सदस्य-
लखनऊ के चौक थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले केजीएमयू के ट्रामा सेंटर से दोनों बदमाश बुधवार सुबह करीब छह बजे ही स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गए। वहीं, इस मामले में इंस्पेक्टर चौक के मुताबिक, दोनों शातिर अपराधियों की तलाश में पुलिस टीम को लगा दिया गया है। पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार इरानी गैंग के दोनों बदमाशों की निगरानी की ज़िम्मेदारी डलमऊ पुलिस के एक दारोगा समेत सात सिपाही को दी गई थी। यह पुलिस कर्मी लखनऊ ट्रामा सेंटर में बदमाशों की निगरानी कर रहे थे। इस टीम में उपनिरीक्षक मोहित कुमार , मुख्य आरक्षी लालसा चौहान , सिपाही मुकेश साहू, महेश सिंह , शक्ति सिंह , सचिन गौतम और आनंद कुमार शामिल थे। फ़िलहाल पुलिस अधीक्षक अलोक प्रियदर्शी ने बदमाशों की निगरानी में शामिल सभी पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है।
आपको बताते चलें की बीते दिनों रायबरेली की एसओजी व डलमऊ पुलिस ने मध्य प्रदेश प्रांत के उमरिया ज़िले के रहने वाले इरफान और इंजमाम को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी। इन दोनों के पैरों में मुठभेड़ के दौरान गोली लगी थी। जिसके बाद दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां से उन्हें बाद में लखनऊ ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया था।










