डलमऊ रायबरेली-
गांव को खुले में शौच से मुक्त करने के उद्देश्य से गांव में बनाया गया सामुदायिक शौचालय मात्र शोपीस बना हुआ है लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी अभी तक कार्य पूरा नहीं किया जा सका धन के बंदरबांट के चलते अभी भी लोगों को खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ रहा है विकासखंड डलमऊ के कूड़ा चक शगुनपुर में सामुदायिक शौचालय का कार्य अभी भी अधूरा है लगभग छ: लाख की लागत से बने हुए सामुदायिक शौचालय में धन का बंदरबांट इस कदर हुआ कि अभी तक यह ग्रामीणों को सिर्फ मुख चिड़ा रहा है शासन के निर्देश पर वर्ष 2018 में सभी ग्राम पंचायतों की दलित बस्तियों में सामुदायिक शौचालय निर्माण किए जाने के निर्देश दिए गए थे जिन्हें 2020 तक हर हालत में पूरा कर लेना था मुख्यमंत्री द्वारा सभी सामुदायिक शौचालयों का लोकार्पण भी किया जा चुका है शौचालय के रखरखाव के लिए महिला स्वयं सहायता समूह को जिम्मेदारी भी दी गई है जिसको प्रतिमाह भुगतान किया जाता है कूढा शगुनपुर में बना हुआ सामुदायिक शौचालय भ्रष्टाचार की भेंट इस कदर चढ़ा है कि अभी तक दरवाजा लैट्रिंग सीट एवं पानी की व्यवस्था भी नहीं हो पाई है ग्रामीण
अयोध्या प्रसाद बितुन राम सजीवन शिव प्यारे राम लखन का कहना है कि कई बार इसकी शिकायत हुई लेकिन कार्यवाही कुछ नहीं हुई 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक शौचालय का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है यहां तक कि रखरखाव के लिए महिला स्वयं सहायता समूह को प्रतिमाह भुगतान भी किया जा रहा है
इस संबंध में सहायक विकास अधिकारी पंचायत कैलाश नाथ पटेल ने बताया कि सामुदायिक शौचालय के अपूर्ण होने की जानकारी नहीं है जांच कराई जा रही है
इनकी भी सुने
ग्राम पंचायत में बना हुआ सामुदायिक शौचालय अभी तक अपूर्ण है तो यह घोर लापरवाही है एडीओ पंचायत से जांच करा कर कार्रवाई की जाएगी
”जिला पंचायत राज अधिकारी गिरीश चंद्र’









