नाला निर्माण में मलक़ के तालाब की पैमाईश से मचा हड़कंप!
नगर और तालाब का पानी रोकने के लिए नाला खुदाई में बनाई मेड़! गंदा पानी रोक दिया!

CRS तिलहर/शाहजहाँपुर-नगर के नितगंजा मोहल्ला से सटा ग्रामीण क्षेत्र की ग्राम पंचायत का गांव मौजमपुर गौटिया क्षेत्र में आने वाले मलक़ के तालाब का पानी ओवरफ्लो होकर घरो में घुसता है, क्षेत्रवासियों की मांग पर इस समस्या के निपटने के लिए नगर पालिका प्रशासन नाला निर्माण कराने के लिए आगे बढ़ा! प्रशासनिक नाप के बाद जब खुदाई का नम्बर आया तो नाला निर्माण की मांग करने वालो में दो पक्ष हो गए! एक नाला निर्माण में प्रशासन के पक्ष खड़ा है तो दूसरा बिरोध पे अड़ा है!
दरअसल निजामगंज व मैजमपुर गांव की सीमा रेखा की बात करें तो तालाब के पानी का ढ़लान गांव की ओर से जा रहा है जबकि गांव वाले चाहते हैं कि नाले का ढ़लान नगर की ओर करने से तालाब का पानी नगर की नालियों से गुजर जाए जबकि वाटर लेबिल ऊँचाई के कारण मुमकिन नही और यदि ऐसा होता है तो गंदे पानी की समस्या और भी बिकराल होने की संभावना नज़र आती है! नाला निर्माण की मांग करते करते वर्चस्व की लड़ाई में बदली नीति से बने दो पक्षो की आपस में समझौता कराते हुए प्रशासन ने इसका हल निकालने का काफी प्रयास किया परन्तु दोनो पक्ष अपनी अपनी जिद पर अड़े है! विडम्बना यह कि दोनो पक्षो की जिद के सामने काम रुक गया और नाले की खुदाई घरो के सामने गंदा पानी ठहर गया जिससे बदबू ही नही उठ रही बल्कि बीमारी फैलने की आशंका के साथ ही स्कूली बच्चो सहित किसी के साथ भी कोई दुर्घटना घटने से भी इंकार नही किया जा सकता!
सूत्रो की माने तो मलक के तालाब से गंदा पानी की निकासी के लिए नाला निर्माण की मांग पर प्रशासन ने काम करना शुरु किया ही था कि मांग करने वाले प्रदर्शनकारी वर्चस्व की लडा़ई में दो भागो में बट गए! जहाँ एक पर सही तो वहीं दूसरा पक्ष नाले के ढ़लान को गलत बता कर बिरोध ही ही नही कर रहा बल्कि नाले के लिए खुदाई में एक मेड़ तक बांध पूरी तरह जैसे बांधा उत्पन्न कर दी हो! सूत्र यह भी बताते हैं कि समझने की बात है कि जब नगर पालिका प्रशासन नाला निर्माण करा रहा है तो गांव के प्रधान को अपत्ति क्या..? जिधर गहरा ढ़ाल होगा पानी तो उधर ही निकास करेगा!









