
*आज खजुरी गांव में मनाई गई एतिहासिक होली*।
*बच्चों व महिलाओं ने खेली रंगों की होली*ख़ूब उड़ाया अबीर-गुलाल*
*गांववासी होली के दिन मनाते हैं,शोक*
*गदागंज रायबरेली* गदागंज थाना क्षेत्र के खजुरी गांव में पुरानी परंपरा के अनुसार होली के दिन होली नहीं मनाई जाती हैं गांव वासी होली के दिन शोक मनाते हैं ऐतिहासिक परंपरा अनुसार ग्रामीण बताते हैं कि पुराने समय में खजुरी गांव के किले को मुगल शासक ने होली के दिन ध्वस्त कर दिया था आक्रमण के बाद सैकड़ो लोगों की मौत हो गई थी जिस कारण से रंगों की होली के दिन खून की होली हो जाने के कारण तभी से गांववासी होली के दिन शोक मनाते हैं अष्टमी तिथि के बाद सोमवार, बुधवार, शुक्रवार दिन आ जाने पर होली मनाने की परंपरा चली आ रही है घर-घर बने पकवान बच्चों व महिलाओं ने खूब उड़ाया जमकर अबीर गुलाल और मस्ती में झूमे ग्रामीणों ने जमकर खेली होली फगुआ गीत का भी लिया गया आनंद सायंकालीन लोगों ने एक दूसरे से मिलकर होली की बधाइयां दी और गुजिया पकवान खाए और होली शांतिपूर्वक तरीके से आपस में मिलजुल कर प्रेम से सौहार्द पूर्वक मनाई गई आपको बता दें कि गांव सभा खजुरी के अंतर्गत कटरा,पूरे सूबेदार का पुरवा,गोसाई का पुरवा,पंपापुर आदि गांव आते हैं इन सभी गांव में ग्रामीणों ने बुधवार को मिलजुल कर आपस में सौहार्द प्रेम पूर्वक होली मनाई।









